स्मार्ट सिटी में विकास कार्यों का झूठा श्रेय लेने की कोशिश कर रही कांग्रेस सरकार : भाजपा पार्षद
धर्मशाला, 17 जून (हि.स.)।
धर्मशाला नगर निगम के नवनिर्वाचित भाजपा पार्षदों ने बुधवार को एक संयुक्त बयान जारी कर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर विकास कार्यों का झूठा श्रेय लेने का आरोप लगाया है। पार्षदों का कहना है कि नगर निगम चुनावों में मिली हार के बाद कांग्रेस सरकार और उससे जुड़े अधिकारी राजनीतिक लाभ लेने के लिए जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।
भाजपा पार्षदों रेखा देवी, शमशेर नेहरिया, आशा देवी, करिश्मा छेत्री, आशु भारद्वाज, प्रेरणा गुलेरिया, मीना कुमारी, हर्ष ओबरॉय, परवीन प्रकाश, अनुपम कटोच तथा विशाल जमवाल ने कहा कि धर्मशाला नगर निगम में जनता ने कांग्रेस को स्पष्ट रूप से नकारते हुए भाजपा को समर्थन दिया है। इसके बावजूद मेयर और डिप्टी मेयर के औपचारिक रूप से कार्यभार संभालने से पहले ही धर्मशाला स्मार्ट सिटी लिमिटेड तथा विधायक निधि से निर्मित परियोजनाओं पर उद्घाटन और शिलान्यास के फट्टे लगाए जा रहे हैं।
उनका आरोप है कि यह कदम जनता को गुमराह करने और राजनीतिक श्रेय लेने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।
पार्षदों ने स्पष्ट किया कि जिन परियोजनाओं का उद्घाटन अथवा शिलान्यास किया जा रहा है, वे वर्तमान कांग्रेस सरकार की नई उपलब्धियां नहीं हैं, बल्कि पहले से स्वीकृत और वित्तपोषित योजनाओं का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं का वित्तपोषण धर्मशाला स्मार्ट सिटी लिमिटेड तथा विधायक निधि के माध्यम से किया गया है।
भाजपा पार्षदों के अनुसार जिन परियोजनाओं का श्रेय लेने की कोशिश की जा रही है, उनमें 12.93 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सिटी बस डिपो एवं ई-बस चार्जिंग स्टेशन, 8.98 करोड़ रुपये की लागत वाला चरान शॉपिंग कॉम्प्लेक्स एवं रिक्रिएशनल सेंटर, 32 लाख रुपये की फव्वारा चौक पुनर्विकास परियोजना तथा 10.40 करोड़ रुपये की फीकल स्लज एवं सेप्टेज मैनेजमेंट परियोजना शामिल हैं। उनका दावा है कि इन सभी योजनाओं का वित्तपोषण पूर्व निर्धारित व्यवस्था के तहत किया गया था।
भाजपा पार्षदों ने कहा कि जनता विकास कार्यों के नाम पर राजनीतिक श्रेय लेने की कोशिशों को समझ रही है और ऐसे प्रयास सफल नहीं होंगे। उन्होंने कांग्रेस सरकार से लोकतांत्रिक जनादेश का सम्मान करने तथा नगर निगम के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बिना राजनीतिक हस्तक्षेप के कार्य करने देने की मांग की।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया