विक्रमादित्य के बयान पर भाजपा प्रवक्ता राकेश जम्वाल का पलटवार
धर्मशाला, 27 जुलाई (हि.स.)। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं सुंदरनगर के विधायक राकेश जम्वाल ने हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर दिए गए एक विकेट गिरा है, अभी और विकेट गिरेंगे बयान पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को राष्ट्रहित में लिए गए निर्णयों का मजाक उड़ाने से पहले अपने राजनीतिक चरित्र का आत्ममंथन करना चाहिए। भाजपा में यदि कोई नेता नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ता है तो वह राष्ट्र और लोकतांत्रिक मूल्यों को सर्वोपरि रखकर निर्णय लेता है, जबकि कांग्रेस का इतिहास बताता है कि वहां इस्तीफे भी देशहित में नहीं, बल्कि परिवारहित और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं के लिए दिए जाते रहे हैं।
सोमवार को जारी एक प्रेस बयान में राकेश जमवाल ने कहा कि हिमाचल की जनता ने स्वयं देखा है कि कांग्रेस के एक नेता ने अपने पिता की प्रतिमा के लिए मनचाहा स्थान न मिलने पर मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और जैसे ही उनकी मांग पूरी हुई, इस्तीफा वापस भी ले लिया। इससे स्पष्ट है कि कांग्रेस में इस्तीफे राष्ट्रहित के लिए नहीं, बल्कि परिवार की प्रतिष्ठा और राजनीतिक स्वार्थ के लिए दिए जाते हैं। दूसरी ओर भाजपा में पद नहीं, बल्कि राष्ट्र सर्वोपरि होता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा की राजनीति में यही मूलभूत अंतर है। भाजपा में पद सेवा का माध्यम है, लक्ष्य नहीं। यदि किसी विषय पर नैतिक जिम्मेदारी लेने की आवश्यकता होती है तो भाजपा नेतृत्व उससे पीछे नहीं हटता, जबकि कांग्रेस में राजनीतिक फैसलों का केंद्र अक्सर परिवार और वंशवाद ही रहा है।
जमवाल ने कहा कि कांग्रेस के मंत्री आज एक विकेट गिरा जैसी भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, लेकिन यदि वास्तव में नैतिकता के आधार पर इस्तीफों की बात हो तो हिमाचल सरकार के कई मंत्री अब तक पद पर क्यों बने हुए हैं? पेपर लीक, आर्थिक कुप्रबंधन, बढ़ता कर्ज, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, विकास कार्यों की धीमी गति और जनता से किए गए वादों को पूरा न कर पाने की नैतिक जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा?
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया