सुक्खू सरकार की तानाशाही ने वकीलों को बना दिया अपराधी : विश्व चक्षु
धर्मशाला, 03 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने अपनी तानाशाही का नया नमूना पेश किया है। अपनी जायज मांगों को लेकर शिमला में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे वकीलों पर मुक़दमा दर्ज कर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने साफ कर दिया है कि उन्हें जनता की आवाज़ सुननी नहीं, दबानी आती है। यह बात हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी एडवोकेट विश्व चक्षु ने बुधवार को जारी एक प्रेस बयान में कही।
उन्होंने इस कृत्य को लोकतंत्र की हत्या बताते हुए कहा कि वकीलों की बात सुनने के बजाय उन पर मुक़दमा दर्ज करना सुक्खू सरकार की बौखलाहट और तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री को डर है कि उनके खिलाफ उठ रही आवाज़ कहीं तेज न हो जाए, इसलिए उन्होंने एफआईआर का सहारा लिया है।
एडवोकेट विश्व चक्षु ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से लोकतांत्रिक मूल्यों की दुश्मन रही है। इंदिरा गांधी ने इमरजेंसी लगाई थी, आज सुक्खू सरकार हिमाचल में माइक्रो इमरजेंसी लगा रही है। जो लोग संविधान और कानून की रक्षा करते हैं, उन्हीं पर केस दर्ज करके सुक्खू सरकार ने बता दिया कि उन्हें न्याय से नफरत है और तानाशाही से प्यार।
उन्होंने कहा कि यह बहुत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। वकील समाज का आईना होते हैं। जब आईना ही सरकार की कमियां दिखाएगा तो सरकार आईना तोड़ने की कोशिश करेगी। लेकिन भाजपा वकीलों के साथ खड़ी है। हम सुक्खू सरकार की इस तानाशाही का पुरजोर विरोध करते हैं और तुरंत सभी मुकदमे वापस लेने की मांग करते हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया