सुक्खू सरकार का आत्मनिर्भर हिमाचल का नारा महज़ राजनीतिक जुमला : बिक्रम ठाकुर
धर्मशाला, 04 मार्च (हि.स.)।
हिमाचल को वर्ष 2027 तक आत्मनिर्भर बनाने का स्वप्न दिखाने वाली कांग्रेस सरकार की असलियत अब प्रदेश की जनता के सामने उजागर हो चुकी है। पूर्व उद्योग मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता बिक्रम ठाकुर ने धर्मशाला से जारी बयान में यह बात कही। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने विकास कार्यों पर पूर्ण विराम लगाकर हिमाचल को आर्थिक और प्रशासनिक ठहराव की ओर धकेल दिया है। विधायक प्राथमिकताओं को केवल एक योजना तक सीमित करना इस बात का प्रमाण है कि सरकार आर्थिक कुप्रबंधन और वित्तीय दिवालियेपन को छिपाने के लिए विकास पर कैंची चला रही है।
बिक्रम ठाकुर ने कहा कि प्राथमिकता बैठकें अब केवल औपचारिकता बनकर रह गई हैं। जनप्रतिनिधियों को बुलाकर दिखावे की राजनीति की जा रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि विधायकों के अधिकारों को सुनियोजित ढंग से सीमित किया जा रहा है। पहले सड़क, पेयजल, सिंचाई, सीवरेज और अन्य बुनियादी सुविधाओं की दो-दो योजनाएं प्राथमिकता में शामिल होती थीं, जिससे क्षेत्रों का संतुलित विकास संभव होता था। लेकिन अब एक योजना तक सीमित कर देना यह दर्शाता है कि सरकार विकास नहीं, बल्कि नियंत्रण की राजनीति कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक क्षेत्र विकास निधि की किश्तें समय पर जारी नहीं की जा रहीं। जहां पहले वर्ष में चार किश्तें स्वीकृत होती थीं, वहीं अब दो किश्तें जारी कर शेष राशि पर ताला जड़ दिया गया है। अनेक क्षेत्रों में स्वीकृत विकास कार्य धनराशि के अभाव में अधर में लटके पड़े हैं।
पूर्व मंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार की नीतियां भेदभावपूर्ण और क्षेत्रीय असंतुलन को बढ़ावा देने वाली हैं। कुछ चुनिंदा क्षेत्रों को राजनीतिक आधार पर प्राथमिकता देकर शेष प्रदेश को उपेक्षित किया जा रहा है।
बिक्रम ठाकुर ने वर्ष 2023 की भीषण आपदा का उल्लेख करते हुए कहा कि उस त्रासदी में क्षतिग्रस्त हुई सड़कों, पुलों और सार्वजनिक ढांचे की मरम्मत आज तक पूर्ण रूप से नहीं हो सकी है। कई स्थानों पर कागज़ों में बहाली दिखा दी गई, पर जमीनी सच्चाई यह है कि अनेक मार्गों पर अभी तक नियमित बस सेवाएं बहाल नहीं हो पाई हैं। ग्रामीण जनता आज भी आवागमन की गंभीर कठिनाइयों से जूझ रही है। आपदा से उबरने में विफल सरकार अब नई योजनाओं पर भी रोक लगाकर प्रदेश को विकासहीनता की खाई में धकेल रही है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बड़े मंचों से आत्मनिर्भरता की बातें करते हैं, लेकिन आत्मनिर्भरता केवल भाषणों से नहीं आती।
बिक्रम ठाकुर ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने विधायक अधिकारों में कटौती और क्षेत्रीय विकास में भेदभाव की नीति तुरंत वापस नहीं ली, तो भाजपा इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक प्रखरता से उठाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया