खनियारा में सायर पर्व पर वार्षिक लोक परंपरा उत्सव व भेड़े का मेला 17 सितंबर को

 

धर्मशाला, 07 सितंबर (हि.स.)। जय इंद्रुनाग मंदिर सेवा समिति खनियारा द्वारा हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी सायर पर्व पर वार्षिक लोक परंपरा उत्सव भेड़े के मेले का आयोजन 17 सितंबर को किया जा रहा है। मेले के सफल आयोजन के लिए उपकमेटियों का गठन किया गया है। लोक परंपरा उत्सव के रूप में मनाते हैं। इसमें विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। मेले में दुकानदार भी अपनी दुकानें सजा सकते हैं।

समिति के अध्यक्ष नीरज कुमार ने बताया कि इस दौरान सुंदर टापू प्रतियोगिता, पिट्ठू प्रतियोगिता, पांच गिट्टियां प्रतियोगिता व कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा लोक गायन, लोक नृत्य का आयोजन होगा। साथ ही बच्चों के विभिन्न कार्यक्रम होंगे, जिसमें उन्हें नशे से दूर रहने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।

उत्सव में मुख्य आकर्षण श्री इंद्रुनाग देवता की छड़ी इंद्रू नाग मेला मैदान पहुंचेगी यहां पर भेड़े के मंदिर में पूजा अर्चना होगी और साल का सबसे बड़ा खेलपात्र आयोजित होगा, जिसमें देवता के गुर भविष्यवाणी करेंगे। शाम तीन बजे से लेकर सात बजे तक भजन संध्या वंशिका ग्रुप के कलाकारों की ओर से की जाएगी। जिसमें स्थानीय लोक गायक भी शामिल रहेंगे।

उन्होंने बताया कि 11 सितंबर को को डैण अंवास हैं और दैत्य युद्ध से श्री इंद्रु नाग देवता 15 सितंबर मंगलवार को खनियारा लौटेंगे, इसी दिन भी खेलपात्र होगा। 17 सितंबर को साल का बड़ा खेलपात्र होगा। इसके लिए नाग देवता की छड़ी पटोला आएगी। 19 सितंबर को राधाअष्टमी के दिन नाग देवता मणिमहेश नौहण करने के बाद फिर वापस लौटेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया