पंचायत समिति सदस्यों ने अपने अधिकारों और बजट को लेकर उठाई आवाज
धर्मशाला, 21 अगस्त (हि.स.)। जिला कांगड़ा में पंचायत समिति सदस्यों ने अपने अधिकारों और बजट को लेकर आवाज बुलंद कर दी है। इन मुद्दों को लेकर पंचायत समिति सदस्य संघ जिला कांगड़ा ने शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर एकत्रित होकर सरकार से बीडीसी सदस्यों के लिए पर्याप्त बजट, विकास कार्यों में अधिकार और नियमों में राहत देने की मांग उठाई।
संघ के जिलाध्यक्ष एवं पंचायत समिति सदस्य चमन लाल कपूर ने कहा कि बीडीसी सदस्य भी जनता द्वारा चुने हुए प्रतिनिधि हैं और उन्हें भी विकास कार्यों में प्रभावी भूमिका निभाने का अधिकार मिलना चाहिए। चमन लाल कपूर ने कहा कि पंचायत समिति सदस्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत जनता के वोट से चुनकर आते हैं और जनता को उनसे विकास कार्यों की उम्मीद रहती है। लेकिन मौजूदा व्यवस्था में बीडीसी सदस्यों के पास ऐसा पर्याप्त बजट नहीं है, जिससे वे अपनी पंचायतों में विकास कार्यों में प्रभावी योगदान दे सकें।
उन्होंने कहा कि 16वें वित्त आयोग में पंचायत समिति के बजट में हिस्सेदारी को लेकर सदस्यों में रोष है। कपूर ने सरकार से पंचायत समिति सदस्यों के लिए अलग से बजट की व्यवस्था करने की मांग की, ताकि वे अपने क्षेत्रों की जरूरत के मुताबिक विकास कार्य करवा सकें।
चमन लाल कपूर ने टाइड और अनटाइड फंड से जुड़ी शर्तों को समाप्त करने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि पंचायत समिति को मिलने वाले बजट के इस्तेमाल में सदस्यों को पर्याप्त स्वतंत्रता मिलनी चाहिए, ताकि स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों का चयन किया जा सके।
उन्होंने मनरेगा के तहत भी पंचायत समिति सदस्यों की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग रखी। कपूर ने कहा कि ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की शेल्फ तैयार करते समय पंचायत समिति के प्रस्तावित कार्यों को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए, ताकि बीडीसी सदस्य जनता के प्रति अपनी जवाबदेही निभा सकें।
चमन लाल कपूर ने आरोप लगाया कि कई बार पंचायत समिति द्वारा भेजे गए विकास कार्यों के प्रस्ताव आगे स्वीकृत नहीं हो पाते और बजट वापस चला जाता है। उन्होंने कहा कि पंचायत समिति के बजट पर पंचायत समिति सदस्यों का प्रभावी अधिकार होना चाहिए।
मांगें न मानी तो देंगे धरना
उन्होंने पंचायत समिति के कामकाज के लिए आवश्यक तकनीकी और अन्य स्टाफ की व्यवस्था को लेकर भी अपनी बात रखी। कपूर ने कहा कि यदि बीडीसी सदस्यों की मांगों को लगातार नजरअंदाज किया गया तो सभी ब्लॉकों में प्रस्ताव पारित कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया तो पंचायत समिति सदस्य डीसी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठने को मजबूर होंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया