बरसात से पहले बड़ा भंगाल क्षेत्र में बचाव कार्य पूर्ण करने की लगाई गुहार

 

धर्मशाला, 17 अप्रैल (हि.स.)।

जिला कांगड़ा के अति दुर्गम क्षेत्र बड़ा भंगाल में रावी नदी के बहाव से बड़ा भंगाल गांव व हैलीपैड बचाव के लिए अभी तक कोई प्रयास नहीं हुए हैं। जबकि मई के बाद नदी का जलस्तर बढ़ना शुरू हो जाता है, यदि बरसात से पहले बचाव हेतू कार्य न किया गया तो इससे गांव व हैलीपैड को भारी नुकसान होगा।

शुक्रवार को बड़ा भंगाल के ग्रामीणों ने धर्मशाला में एडीसी जिला कांगड़ा के समक्ष बड़ा भंगाल की समस्या को उठाते हुए जल्द समाधान का आग्रह किया। ग्रामीणों का कहना है कि रावी नदी में आई बाढ़ के सात माह बाद भी बचाव के कोई प्रयास नहीं किए गए हैं।

बड़ा भंगाल से आई पवना कुमारी व अन्यों ने बताया कि गत वर्ष रावी नदी में आई बाढ़ से नदी के बाएं किनारे के सभी सरकारी भवन, सरकारी स्कूल, सोसाईटी सहित सराय भी बह गए थे, यही नहीं हेलीपेड की ओर भी कटाव हुआ था। जिससे अब नदी के किनारे दाएं ओर बसे गांव को भी खतरा है। बीते साल अक्टूबर माह में राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा बड़ा भंगाल गांव में बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन भी किया गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव व हैलीपैड को बचाने के लिए सुरक्षा दीवार लगाना बेहद जरूरी है, अन्यथा बरसात में गांव व हैलीपैड को बचाना मुश्किल हो जाएगा।

उधर एडीसी विनय कुमार ने कहा कि बड़ा भंगाल दुर्गम क्षेत्र है, पिछली बरसात में जो नुकसान हुआ था, उस दिशा में कार्य हेतू प्रयास किए जा रहे हैं। सेंट्रल यूनिवर्सिटी हिमाचल प्रदेश के माध्यम से बड़ा भंगाल में जो नुकसान हुआ है, उसे स्टडी करवाया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने उपरांत प्रॉपर मिटीगेशन करते हुए समस्या के स्थायी समाधान बारे विचार किया जाएगा। रिपोर्ट के हिसाब से जो भी एस्टीमेट बनेगा, उसके अनुरूप धन राशि उपलब्ध करवाई जाएगी। प्रयास रहेगा कि बरसात से पहले समस्या का समाधान सुनिश्चित हो सके।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया