पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय में रक्षा कर्मियों हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

 


धर्मशाला, 23 जून (हि.स.)। चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में मंगलवार को रक्षा कर्मियों के लिए पुनर्वास महानिदेशालय (डीजीआर) प्रायोजित सातवें दीर्घावधि प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। “कृषि वानिकी, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन एवं बकरी पालन” विषयक यह चार माह का प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रतिभागियों को स्वरोजगार तथा सतत आजीविका के अवसरों के लिए तकनीकी दक्षता एवं उद्यमिता संबंधी ज्ञान प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

लेफ्टिनेंट कर्नल नवीन तोमर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में उन्होंने रक्षा कर्मियों के लिए इस प्रकार के विशिष्ट प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन हेतु विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना की तथा सैन्य सेवा के उपरांत सफल एवं उत्पादक नागरिक जीवन के लिए कौशल विकास एवं उद्यमिता के महत्व पर बल दिया।

वहीं प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. विनोद शर्मा ने डीजीआर प्रायोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से रक्षा कर्मियों के क्षमता निर्माण, कौशल विकास एवं उद्यमिता संवर्धन के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रतिभागियों को उभरते कृषि उद्यमों के क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव एवं तकनीकी दक्षता प्रदान करेगा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 31 प्रतिभागी नामांकित हैं, जिनमें 30 भारतीय सेना तथा 1 भारतीय नौसेना से संबंधित हैं। चार माह की अवधि के दौरान प्रतिभागियों को कृषि वानिकी, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन एवं बकरी पालन के क्षेत्रों में सघन सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त क्षेत्रीय भ्रमण एवं प्रदर्शन कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।

प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. लव भूषण ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए विभिन्न प्रशिक्षण मॉड्यूल, व्यावहारिक सत्रों एवं अध्ययन भ्रमणों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण को प्रतिभागियों की उद्यमिता क्षमताओं के विकास तथा सेवानिवृत्ति के पश्चात कृषि आधारित उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया