कृषि विश्वविद्यालय ने मनाया राष्ट्रीय किसान महिला दिवस, सशक्तीकरण का दिया संदेश

 


धर्मशाला, 15 अक्टूबर (हि.स.)। चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर ने कॉलेज ऑफ कम्युनिटी साइंस, अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना—कृषि में महिलाएं, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के फार्मर फर्स्ट कार्यक्रम और उन्नत भारत अभियान के माध्यम से, कृषि महाविद्यालय के कृषि अभियांत्रिकी विभाग के सहयोग से मंडी जिले के चौंतड़ा गांव, कांगड़ा जिले के टंबर गांव और सगूर गांव में राष्ट्रीय किसान महिला दिवस मनाया। समारोहों में कृषि, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण विकास में महिला किसानों के महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया गया।

चौंतड़ा और टंबर गांवों में विश्वविद्यालय से जुड़ी 82 महिला किसानों ने समारोह में भाग लिया और प्रदर्शनियों के माध्यम से अपने कृषि उत्पादों तथा मूल्यवर्धित उत्पादों का प्रदर्शन किया। महिला उद्यमियों और समूहों को उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय की टीमों ने प्रतिभागियों से फसल कटाई के बाद प्रबंधन, मूल्य संवर्धन, श्रम-साध्य कार्यों को कम करने वाले उपकरणों, डिजाइनिंग एवं सिलाई, अपशिष्ट से संपदा, पैकेजिंग एवं लेबलिंग, विपणन रणनीतियों और बाजार संपर्कों पर संवाद किया। महिला किसानों की आवश्यकताओं और चुनौतियों के अनुरूप वैज्ञानिक एवं तकनीकी समाधानों पर भी चर्चा की गई। कांगड़ा और मंडी जिलों की महिला किसानों ने ऑनलाइन कार्यक्रम में भाग लिया, जबकि प्रदर्शनी में शामिल प्रतिभागियों को उनके प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया। इन कार्यक्रमों ने सतत कृषि और विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं को प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में मान्यता देने की विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दोहराया।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया