पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय में 30 किसानों ने जानी बांस की वैज्ञानिक खेती की तकनीक
धर्मशाला, 05 अगस्त (हि.स.)। चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर में राष्ट्रीय बांस मिशन के तहत आयोजित तीन दिवसीय वैज्ञानिक बांस खेती प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हो गया। कार्यक्रम का आयोजन आधारभूत विज्ञान महाविद्यालय के जैविकी एवं पर्यावरण विज्ञान विभाग ने प्रसार शिक्षा निदेशालय के सहयोग से किया। इसका उद्देश्य किसानों को बांस की वैज्ञानिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना तथा इसे टिकाऊ एवं लाभकारी आजीविका के रूप में बढ़ावा देना था।
प्रशिक्षण में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए 30 किसानों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को वैज्ञानिक बांस उत्पादन, नर्सरी प्रबंधन, रोपण तकनीक, कीट एवं रोग नियंत्रण, मूल्य संवर्धन तथा राष्ट्रीय बांस मिशन के अंतर्गत उपलब्ध विपणन अवसरों की जानकारी दी। किसानों को विश्वविद्यालय की बांस नर्सरी में प्रवर्धन एवं नर्सरी प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।
समापन समारोह में प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. विनोद शर्मा मुख्य अतिथि तथा आधारभूत विज्ञान महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. राजन कटोच विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के प्रभारी डॉ. लव भूषण तथा राष्ट्रीय बांस मिशन परियोजना की प्रधान अन्वेषक एवं प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. राधिका शर्मा ने कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय किया।
मुख्य अतिथि डॉ. विनोद शर्मा ने किसानों से वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर बांस की खेती को आय का सशक्त माध्यम बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बांस की खेती किसानों की आर्थिक समृद्धि के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया