एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों का समयबद्ध निपटारा करें अधिकारी : एडीसी

 


धर्मशाला, 13 अक्टूबर (हि.स.)। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्गों के अधिकारों की रक्षा तथा उन्हें त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला कांगड़ा में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 एवं इसके अंतर्गत बनाए गए नियम, 1995 के तहत गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार ने की। बैठक में अधिनियम के अंतर्गत दर्ज मामलों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में अधिनियम के तहत दर्ज कुल 88 मामलों की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान अवगत करवाया गया कि गत तिमाही में पांच मामलों का निपटारा किया गया है, जबकि अधिकांश मामले न्यायालय में अंतिम प्रक्रिया के चरण में हैं। इसके अतिरिक्त पांच मामलों में पुलिस विभाग द्वारा सीआर दर्ज की गई है, जबकि चार मामलों में जांच जारी है।

उन्होंने कहा कि न्याय में देरी पीड़ित के लिए गंभीर कठिनाइयों का कारण बन सकती है। इसलिए पुलिस विभाग, अभियोजन पक्ष तथा अन्य संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें, ताकि मामलों की जांच, पैरवी और निपटारे की प्रक्रिया निर्धारित समयावधि में पूरी की जा सके। उन्होंने अधिकारियों से लंबित मामलों की नियमित निगरानी करने तथा प्रगति की समीक्षा करते रहने पर भी बल दिया।

राष्ट्रीय न्यास अधिनियम के तहत चार मामले अनुमोदित

बैठक के दौरान राष्ट्रीय न्यास अधिनियम, 1999 के अंतर्गत प्राप्त पांच मामलों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इनमें से चार मामलों को मौके पर ही अनुमोदित कर दिया गया, जबकि एक मामले में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दस्तावेजी औपचारिकताएं पूर्ण करने के निर्देश दिए गए, ताकि नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया