कैथल: नशा मुक्ति केंद्रों की नियमित जांच व मेडिकल स्टोरों के औचक निरीक्षण के निर्देश
कैथल, 23 अक्टूबर (हि.स.)। जिले में नशे के बढ़ते प्रभाव पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने निगरानी और जागरूकता गतिविधियों को तेज करने पर जोर दिया है। उपायुक्त अपराजिता ने शुक्रवार काे अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशा तस्करी के मामलों में आपसी तालमेल के साथ तत्परता से कार्रवाई करें। शहरों के साथ-साथ गांवों में भी निगरानी बढ़ाई जाए और नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।
उपायुक्त लघु सचिवालय स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में जिला स्तरीय नार्को समन्वय केंद्र (एनकॉर्ड) की बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। बैठक में एसपी मनप्रीत सिंह सूदन भी मौजूद रहे। इससे पहले मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने 14वीं राज्य स्तरीय समिति की बैठक में नशा रोकथाम से जुड़े कार्यों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीसी अपराजिता ने कहा कि नशा एक सामाजिक बुराई है, जिसका सबसे अधिक असर युवाओं के भविष्य पर पड़ता है। इस समस्या से निपटने के लिए प्रशासनिक प्रयासों के साथ समाज की भागीदारी भी जरूरी है। सभी विभाग आपसी समन्वय बनाए रखें और गांवों व शहरों में अधिक से अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य स्तरीय समिति की ओर से निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। नशा तस्करी से संबंधित सूचनाओं का आदान-प्रदान भी प्रभावी ढंग से किया जाए, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर समय रहते कार्रवाई हो सके।
डीसी ने स्वास्थ्य विभाग को जिले में संचालित नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीएमओ से कहा कि इन केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं की समय-समय पर जांच की जाए। जिला ड्रग कंट्रोलर को मेडिकल स्टोरों का नियमित रूप से औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी मेडिकल स्टोर पर प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। डीसी अपराजिता ने आमजन से अपील की कि यदि उन्हें अपने आसपास नशा तस्करी या नशीले पदार्थों की बिक्री से संबंधित कोई जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना पुलिस को दें। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में जनसहयोग महत्वपूर्ण है। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। बैठक में सहायक आयुक्त (अंडर ट्रेनिंग), सिविल सर्जन डॉ. रेणु चावला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे