एम्स बिलासपुर जल्द देश के अग्रणी एम्स के समकक्ष होगा : जेपी नड्डा
बिलासपुर, 06 अक्टूबर (हि.स.)। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि एम्स बिलासपुर ने कम समय में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने विश्वास जताया कि संस्थान जल्द ही देश के अन्य प्रमुख एम्स के समकक्ष अपनी पहचान बनाएगा। नड्डा मंगलवार काे एम्स बिलासपुर के प्रथम बैच के दीक्षांत समारोह के अवसर पर संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि देश में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार को सरकार ने प्राथमिकता दी है। पिछले वर्षों में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 384 से बढ़कर 800 से अधिक हो गई है, जबकि स्नातक चिकित्सा सीटें 51,348 से बढ़कर 1.42 लाख तक पहुंच गई हैं। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2029 तक 75 हजार अतिरिक्त स्नातक एवं स्नातकोत्तर चिकित्सा सीटें जोड़ना है। इसके लिए 10 हजार अतिरिक्त एमबीबीएस और स्नातकोत्तर सीटों के सृजन सहित 15 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में एम्स के विस्तार को गति मिली है। कई दशकों तक देश में केवल एक एम्स था, जबकि पिछले 12 वर्षों में 16 नए एम्स स्थापित किए गए हैं। इससे गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच का विस्तार हुआ है।
उन्होंने बताया कि एम्स बिलासपुर ने प्रारंभिक 750 बिस्तरों की क्षमता से आगे बढ़ते हुए अब 776 बिस्तरों की क्षमता हासिल कर ली है। संस्थान में 26 विशेषज्ञता और 15 सुपर विशेषज्ञता सेवाएं संचालित हो रही हैं। यहां जटिल शल्य चिकित्सा, हृदय संबंधी प्रक्रियाएं, तंत्रिका शल्य चिकित्सा, कैंसर उपचार और रेडियोथेरेपी जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
पिछले चार वर्षों में एम्स बिलासपुर में 12 लाख से अधिक बाह्य रोगी परामर्श और एक लाख से अधिक मरीजों को भर्ती कर उपचार दिया गया है। वर्ष 2024-25 में तीन लाख से अधिक ओपीडी परामर्श और 17 हजार से अधिक आपातकालीन सेवाएं प्रदान की गईं। इस अवधि में 3,500 से अधिक बड़ी और 900 से अधिक छोटी सर्जरी, एक हजार से अधिक हृदय कैथेटर प्रक्रियाएं तथा 3,200 से अधिक डायलिसिस किए गए। प्रयोगशालाओं में 10 लाख से अधिक जांचें भी हुईं।
एम्स बिलासपुर ने जनवरी 2021 में एमबीबीएस के पहले बैच के प्रवेश के साथ शैक्षणिक सफर शुरू किया था। वर्तमान में करीब 620 विद्यार्थी विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर और सुपर विशेषज्ञता पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत हैं। ाे
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला