सुक्खू सरकार ने प्रदेश के हर वर्ग को परेशान किया : जयराम ठाकुर
शिमला, 09 अगस्त (हि.स.)। नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि प्रदेश में अब ऐसा कोई वर्ग नहीं बचा है, जो सरकार के गलत और मनमाने फैसलों से परेशान न हो। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और हिमाचल की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली बागवानी तीनों गंभीर संकट में हैं।
जयराम ठाकुर ने रविवार को एक बयान में कहा कि अस्पतालों में मरीजों को आयुष्मान भारत और हिमकेयर जैसी योजनाओं का लाभ मिलने में दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकारी सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों में प्रोस्टेट कैंसर जैसे गंभीर रोगों के इलाज के लिए जरूरी टीकों की आपूर्ति भी प्रभावित है। सिविल सप्लाई की दुकानों के भुगतान और बारकोड से जुड़ी समस्याओं के कारण गरीब मरीजों को करीब 12 हजार रुपये खर्च कर निजी मेडिकल स्टोर से दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। एमआरआई के लिए भी मरीजों को निजी क्लीनिकों में हजारों रुपये देने पड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में फीस बढ़ोतरी का सीधा असर गरीब और ग्रामीण परिवारों के छात्रों पर पड़ रहा है। फीस वापस लेने की मांग को लेकर छात्र प्रदर्शन और भूख हड़ताल कर रहे हैं, फिर भी सरकार उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है।
जयराम ठाकुर ने सेब बागवानों की समस्याओं को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि हिमाचल की करीब 5,500 करोड़ रुपये की वार्षिक सेब अर्थव्यवस्था सरकार की नीतियों से प्रभावित हो रही है। उनका आरोप है कि एमआईएस के तहत 100 से अधिक बोरियां सेब बेचने वाले बागवानों को एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार कार्यालयों में भू-दस्तावेज और आधार कार्ड लेकर बुलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि 2024-25 और 2025-26 का करीब 80 करोड़ रुपये का भुगतान अभी लंबित है।
उन्होंने गनी बैग खरीद की 30 बैग की सीमा को भी अव्यावहारिक बताया। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार की नीतियों से बागवान, छात्र और मरीज परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि फैसले वापस नहीं हुए तो भाजपा प्रदेशभर में आंदोलन करेगी और इन मुद्दों को विधानसभा में भी उठाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा