केंद्र से मिले दवा के पैसे भी खर्च नहीं कर पा रही सुक्खू सरकार : जयराम ठाकुर
शिमला, 29 अगस्त (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया है कि हिमाचल प्रदेश में लोग दवाइयों और बेहतर इलाज की कमी से परेशान हैं, वहीं राज्य सरकार केंद्र से स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए मिली राशि का पूरा उपयोग नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की निःशुल्क दवा योजना के तहत मिली राशि का एक हिस्सा खर्च नहीं हो पाया है और सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए।
शनिवार को शिमला से जारी बयान में जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक है। उनका आरोप है कि कई अस्पतालों में सामान्य दवाइयों, मरहम-पट्टी, नीडल और सिरिंज की कमी है। उन्होंने कहा कि महंगी दवाइयों की बात छोड़ दें, मरीजों को ग्लूकोज की बोतल तक आसानी से उपलब्ध नहीं हो रही है। इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को अपनी जेब से दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं।
जयराम ठाकुर ने विधानसभा में दिए गए सरकार के जवाब का हवाला देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने निःशुल्क दवा योजना के तहत पिछले तीन वर्षों में हिमाचल के लिए 211.29 करोड़ रुपये स्वीकृत किए। इनमें से राज्य सरकार 165.60 करोड़ रुपये ही खर्च कर पाई और 45.69 करोड़ रुपये खर्च नहीं हुए।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 में केंद्र से 80.10 करोड़ रुपये मिले, जिनमें से 66.22 करोड़ रुपये खर्च किए गए और 13.88 करोड़ रुपये शेष रहे। वर्ष 2025-26 में 95.30 करोड़ रुपये उपलब्ध हुए, जिनमें से 74.31 करोड़ रुपये खर्च हुए और 20.99 करोड़ रुपये शेष रहे। वहीं वर्ष 2026-27 में 1 अगस्त 2026 तक 35.89 करोड़ रुपये उपलब्ध हुए, जिनमें से 25.07 करोड़ रुपये खर्च किए गए और 10.82 करोड़ रुपये शेष हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि स्वास्थ्य जैसी जरूरी सेवा के लिए उपलब्ध बजट खर्च नहीं कर पाना प्रशासनिक विफलता है और इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवार सरकारी अस्पतालों पर निर्भर हैं और दवाइयां नहीं मिलने पर उन्हें महंगा इलाज बाहर से करवाना पड़ता है।
जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और राज्य सरकार पर केंद्र को लगातार जिम्मेदार ठहराने का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र से मिली राशि का उपयोग न कर पाने के बाद सरकार अपनी प्रशासनिक कमियों का दोष केंद्र पर डाल रही है। उन्होंने कहा कि जनता को आरोप-प्रत्यारोप नहीं, अस्पतालों में दवा और बेहतर इलाज चाहिए। सरकार को बताना चाहिए कि उपलब्ध राशि खर्च क्यों नहीं हुई और दवाइयां अस्पतालों तक क्यों नहीं पहुंचीं।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा