बेटियों से छीना शगुन योजना का सहारा, सुक्खू सरकार की संवेदनहीनता चरम पर: जयराम ठाकुर।
मंडी, 18 जनवरी (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण आज प्रदेश की बेटियां और गरीब परिवार अपने मौलिक अधिकारों के लिए तरस रहे हैं। हमारे समय में शुरू की गई मुख्यमंत्री शगुन योजना जिसका उद्देश्य बीपीएल परिवारों की बेटियों की शादी में संबल प्रदान करना था, आज सरकार की उपेक्षा और कुप्रबंधन की भेंट चढ़ गई है। सिरमौर जिले का यह ताजा उदाहरण शर्मनाक है, जहां 193 लाभार्थियों के लगभग 60 लाख रूपए ट्रेजरी में रोक दिए गए हैं। प्रदेश सरकार द्वारा बजट न देना और ट्रेजरी पर अघोषित पाबंदी लगाना यह दर्शाता है कि इस सरकार की प्राथमिकता में गरीब वर्ग है ही नहीं।
उन्होने कहा कि आज स्थिति यह है कि सरकार से मिलने वाले 31,000 के शगुन की आस में बैठे परिवारों को शादियों के लिए भारी ब्याज पर ऋण लेना पड़ रहा है। हमारी सरकार ने बेटी है अनमोल और शगुन जैसी योजनाएं भावनात्मक लगाव के साथ शुरू की थीं ताकि गरीब मां-बाप को बेटी की शादी बोझ न लगे। लेकिन वर्तमान सरकार ने केवल 'बजट का अभाव' बताकर इन पवित्र योजनाओं का गला घोंट दिया है। जब अपनी ही बेटियों के कन्यादान के लिए सरकार के पास पैसे नहीं हैं, तो यह व्यवस्था परिवर्तन नहीं, बल्कि व्यवस्था का पतन है।
जय राम ठाकुर ने कहा कि हम मांग करते हैं कि सरकार तुरंत लंबित राशि जारी करे, अन्यथा भाजपा सड़कों पर उतरकर इन बेटियों के हक की लड़ाई लड़ेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा