दिल्ली में पीएम मोदी से मिले जयराम ठाकुर, हिमाचल की आर्थिक स्थिति पर जताई चिंता

 


शिमला, 24 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री को उनके नेतृत्व में जनसेवा के क्षेत्र में स्थापित उपलब्धियों के लिए बधाई दी और उनके नेतृत्व को प्रेरणादायक बताया।

बैठक के दौरान जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने राज्य के विकास, आर्थिक स्थिति और केंद्र से जुड़े विषयों को प्रधानमंत्री के समक्ष रखा।

प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद जयराम ठाकुर ने मीडिया से बातचीत में हिमाचल प्रदेश की मौजूदा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य इस समय गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है और सरकार के फैसले स्थिति को और जटिल बना रहे हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के हालिया फैसलों का जिक्र करते हुए कहा कि संसाधनों की कमी के चलते मुख्यमंत्री ने अपने वेतन का 50 प्रतिशत छह महीने के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के वेतन में भी 50 प्रतिशत, आईएएस अधिकारियों और मंत्रियों के वेतन में 30 प्रतिशत तथा विधायकों के वेतन में 20 प्रतिशत कटौती या स्थगन की बात कही गई है।

जयराम ठाकुर ने इस स्थिति को राज्य में वित्तीय आपातकाल जैसा बताया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को अपने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के वेतन रोकने पड़ रहे हैं, तो यह प्रदेश की कमजोर आर्थिक स्थिति का संकेत है।

उन्होंने पेट्रोल-डीजल पर लगाए गए सेस को भी अनुचित बताते हुए कहा कि सामाजिक वर्गों के नाम पर टैक्स बढ़ाना सरकार की प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में एंट्री टैक्स बढ़ाने के फैसले पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि इस फैसले का असर पड़ोसी राज्यों के साथ संबंधों पर पड़ सकता है। यदि अन्य राज्य भी इसी तरह के कदम उठाते हैं, तो हिमाचल के व्यापार और पर्यटन क्षेत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

जयराम ठाकुर ने कहा कि विपक्ष राज्य के आर्थिक संकट से निपटने के लिए रचनात्मक सहयोग देने को तैयार है, लेकिन सरकार को जनहित में व्यावहारिक और प्रभावी नीतियां अपनानी होंगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला