केवाईसी के नाम पर बुजुर्गों की पेंशन रोकना बंद करे सरकार, लंबित मामलों का जल्द हो निपटारा : जयराम ठाकुर

 


शिमला, 16 जुलाई (हि.स.)। नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर वृद्धावस्था पेंशन और सहारा योजना के लाभार्थियों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि केवाईसी प्रक्रिया में तकनीकी खामियों और प्रशासनिक लापरवाही के कारण बड़ी संख्या में पात्र बुजुर्ग लंबे समय से पेंशन से वंचित हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि केवाईसी के नाम पर जरूरतमंद लोगों की पेंशन रोकने की बजाय लंबित मामलों का शीघ्र समाधान किया जाए।

शिमला से जारी बयान में जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि चालू वित्त वर्ष में एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक एवं समाज कल्याण विभाग के बजट में 1,618 करोड़ रुपये से घटाकर 604 करोड़ रुपये कर दिए गए हैं। उनके अनुसार, बजट में 63 प्रतिशत की कटौती का असर सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर पड़ा है और इसी वजह से पात्र लाभार्थियों को समय पर पेंशन नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि कई लोगों को संबंधित कार्यालयों में फंड नहीं आया या केस भेज दिया गया है कहकर लौटाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सहारा योजना के कई वास्तविक लाभार्थियों को रिकॉर्ड में मृत दर्शाकर उनकी पेंशन बंद कर दी गई है, जो गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का मामला है। सरकार को ऐसे सभी मामलों की जिला स्तर पर निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और जिन लाभार्थियों की पेंशन गलत तरीके से रोकी गई है, उसे तत्काल बहाल करते हुए बकाया राशि भी जारी की जाए।

जयराम ठाकुर ने मांग की कि केवाईसी संबंधी त्रुटियों को समयबद्ध अभियान चलाकर दूर किया जाए तथा इसकी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन को दी जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि वृद्धजन समाज की अमूल्य धरोहर हैं और उन्हें सम्मान के साथ समय पर सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है। इसके साथ ही उन्होंने भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला