आपदा एक्ट हटाने पर जयराम ठाकुर ने सरकार को घेरा, पुनर्वास कार्यों पर उठाए सवाल

 


शिमला, 05 मार्च (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार द्वारा छह महीने बाद आपदा एक्ट (डिजास्टर एक्ट) हटाए जाने के निर्णय पर कड़े सवाल उठाते हुए सुक्खू सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि जश्न मनाना रही, जिस पर करीब दस करोड़ रुपये खर्च किए गए जबकि राहत और पुनर्वास कार्यों को नजरअंदाज किया गया।

वीरवार काे शिमला से जारी बयान में जयराम ठाकुर ने सरकार से पूछा कि क्या प्रदेश में आपदा के बाद पुनर्वास और बहाली के सभी कार्य पूरे हो चुके हैं, जो अब आपदा एक्ट हटाने का फैसला लिया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से यह भी स्पष्ट करने को कहा कि आपदा राहत के नाम पर अब तक कितनी राशि वास्तव में प्रभावित लोगों पर खर्च की गई और उसका जमीन पर क्या असर दिखाई देता है।

उन्होंने कहा कि आज भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में हालात सामान्य नहीं हैं। अनेक स्थानों पर सड़कों पर मलबा पड़ा हुआ है और सैकड़ों बस रूट पिछले आठ महीनों से बंद हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आपदा में टूटे कई पुल अभी तक अस्थायी रूप से ही बहाल किए गए हैं, जिनसे केवल हल्के वाहन ही गुजर पा रहे हैं, जबकि स्थायी निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।

जयराम ठाकुर ने पेयजल योजनाओं और बिजली व्यवस्था का भी जिक्र करते हुए कहा कि कई ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाएं अभी तक पूरी तरह बहाल नहीं हो पाई हैं और कई स्थानों पर बिजली के खंभे व ट्रांसफार्मर भी नहीं लगाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने आपदा एक्ट की आड़ में पंचायत चुनाव टालने और विकास कार्यों को रोकने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता सरकार की कार्यप्रणाली से निराश है और आने वाले समय में इसका जवाब जरूर देगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला