पेंशन, स्वास्थ्य सेवाओं और रोबोटिक सर्जरी पर सरकार पर बरसे जय राम ठाकुर

 


शिमला, 28 अप्रैल (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने राज्य सरकार पर एचआरटीसी (हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम) के पेंशनरों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अप्रैल माह समाप्त होने को है, लेकिन अभी तक पेंशनरों को उनकी पेंशन नहीं मिल पाई है, जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि पेंशनरों को हर महीने की 15 तारीख तक पेंशन देने की बात तय की गई थी, लेकिन यह व्यवस्था कभी लागू नहीं हो पाई। पेंशनर लगातार अधिकारियों और सरकार से संपर्क कर रहे हैं, मगर उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना पेंशन के पेंशनरों का जीवनयापन कैसे संभव है, खासकर जब शादी-विवाह का सीजन चल रहा हो और आर्थिक जरूरतें बढ़ जाती हैं।

जय राम ठाकुर ने मंगलवार को एक बयान में आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष के सवालों का जवाब देने के बजाय भ्रामक आंकड़े पेश कर रही है और ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि एचआरटीसी पेंशनरों के मेडिकल बिलों का भुगतान भी पिछले तीन वर्षों से लंबित है, जिसके चलते कई लोग अपनी जमा पूंजी खर्च करने या उधार लेकर इलाज कराने को मजबूर हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार को घेरा। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के फैसलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि कमला नेहरू अस्पताल से गायनी विभाग को आईजीएमसी शिफ्ट करना बिना उचित योजना और जरूरत के लिया गया निर्णय है। इस फैसले से महिलाओं को भारी असुविधा हो रही है और कई मामलों में मरीजों की स्थिति भी गंभीर हुई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह निर्णय रोबोटिक सर्जरी मशीन के उपयोग को सही ठहराने के लिए लिया गया है, जबकि अब तक एक भी सर्जरी रोबोट के माध्यम से नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि पहले जो सर्जरी निशुल्क होती थी, अब उसके लिए 30 हजार रुपये तक का शुल्क लिया जा रहा है, साथ ही अन्य सेवाओं के लिए अतिरिक्त शुल्क भी जोड़े गए हैं।

जय राम ठाकुर ने कहा कि दवाइयों और जांच सुविधाओं की कमी के कारण मरीजों को निजी संस्थानों पर निर्भर होना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से इन समस्याओं का शीघ्र समाधान करने और जनता को राहत देने की मांग की।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला