एमआईएस में सी-ग्रेड सेब खरीद सीमा पर जयराम का सरकार पर हमला, हाईकोर्ट के फैसलों को बताया तानाशाही पर तमाचा

 


शिमला, 15 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (एमआईएस) के तहत सी-ग्रेड सेब खरीद के लिए तय नई व्यवस्था को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। बुधवार को शिमला में जारी बयान में उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शिता के दावे तो कर रही है, लेकिन नई नीति से बागवानों के हितों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत एक बागवान से अधिकतम 30 बोरी सी-ग्रेड सेब खरीदने का निर्णय अव्यावहारिक है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से सवाल किया कि जिन बागवानों के पास इससे अधिक उत्पादन होगा, वे शेष सेब कहां बेचेंगे और उसकी बर्बादी की जिम्मेदारी कौन लेगा। उनका आरोप था कि सरकार केवल प्रचार तक सीमित है, जबकि जमीनी स्तर पर किसानों और बागवानों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं।

उन्होंने कहा कि पहले दूध खरीद की सीमा तय की गई और अब कृषि एवं बागवानी उत्पादों की सरकारी खरीद पर भी प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। उनके अनुसार बागवानों को समय पर स्प्रे ऑयल, गुणवत्तापूर्ण खाद, दवाइयां और एमआईएस के तहत बेचे गए सेब का लंबित भुगतान तक नहीं मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राहत देने के बजाय नई-नई शर्तें लागू कर बागवानों पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है। भाजपा बागवानों के हितों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।

वहीं, मंडी के देऊरी स्कूल भवन और मंडी नगर निगम के मेयर शपथ विवाद में हिमाचल हाईकोर्ट के रुख का स्वागत करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि अदालत के आदेशों ने सरकार की राजनीतिक कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक कारणों से तैयार स्कूल भवन का उपयोग नहीं होने दिया गया और निर्वाचित मेयर को शपथ दिलाने में भी अनावश्यक देरी की गई। उन्होंने सरकार से बच्चों को नए स्कूल भवन में स्थानांतरित करने तथा मेयर और डिप्टी मेयर को शीघ्र शपथ दिलाने की मांग की।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला