पंचायत चुनाव को लेकर प्रदेश को गुमराह कर रहे हैं मुख्यमंत्री : जयराम ठाकुर

 




शिमला, 04 फ़रवरी (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने पंचायत चुनावों को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बुधवार को शिमला से जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा अब पूरी तरह स्पष्ट हो चुकी है और मुख्यमंत्री प्रदेश को बार-बार गुमराह कर रहे हैं।

जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि सरकार को समय पर पंचायत चुनाव नहीं करवाने थे और उच्च न्यायालय के आदेशों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देनी ही थी, तो फिर चुनाव की तैयारी का दिखावा क्यों किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भाजपा चुनाव में देरी को लेकर सवाल कर रही थी, तब मुख्यमंत्री और मंत्री समय पर चुनाव कराने के दावे क्यों कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपनी गिरती लोकप्रियता के कारण पहले ही पंचायत चुनाव न कराने का मन बना लिया था और इसी वजह से राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों की बार-बार अनदेखी की गई।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की दुहाई देने वाली कांग्रेस सरकार पंचायत चुनाव रोककर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर रही है और महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने को कुचल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार पंचायत चुनावों को बेहद हल्के में ले रही है, जबकि निर्वाचित स्थानीय निकायों के बिना विकास संभव नहीं है।

जयराम ठाकुर ने चेतावनी दी कि पंचायत और शहरी निकाय चुनाव न होने से केंद्र सरकार की कई योजनाओं का लाभ प्रदेश को नहीं मिल पाएगा। उन्होंने कहा कि 16वें वित्त आयोग के तहत देशभर के शहरी और ग्रामीण निकायों के लिए प्रस्तावित लगभग आठ लाख करोड़ रुपये की राशि का लाभ बिना निर्वाचित प्रतिनिधियों के नहीं मिल सकता। इससे प्रदेश के विकास कार्य ठप हो जाएंगे।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में मनरेगा के तहत 1.72 लाख परियोजनाएं अटकी पड़ी हैं और 655 पंचायतों में एक भी व्यक्ति को रोजगार नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि 9 जनवरी को उच्च न्यायालय द्वारा 30 अप्रैल तक चुनाव संपन्न कराने के आदेश दिए गए थे, लेकिन सरकार चुनाव कराने के बजाय उन्हें टालने की रणनीति पर काम करती रही।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार चुनाव पर खर्च का हवाला देती है, लेकिन चुनाव न कराने के लिए न्यायालयों में मुकदमे लड़ने पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आपदा प्रबंधन कानून को लेकर उठाए गए कदमों और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में किए गए दौरों का भी जवाब देने की मांग की।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला