ईरान तनाव के बीच पश्चिमी एशिया में 45 हजार तक हिमाचली, सभी सुरक्षित, सरकार अलर्ट मोड में

 

शिमला, 03 मार्च (हि.स.)। पश्चिमी एशिया में ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव ने हिमाचल प्रदेश के उन हजारों परिवारों की चिंता बढ़ा दी है, जिनके सदस्य खाड़ी देशों में काम कर रहे हैं। राज्य सरकार के अनुसार अब तक किसी भी हिमाचली के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है और अधिकांश लोग सुरक्षित हैं। सरकार ने स्थिति पर कड़ी नजर बनाए रखते हुए खुद को अलर्ट मोड में रखा है।

उद्योग एवं श्रम रोजगार मंत्री हर्ष वर्धन चौहान ने कहा है कि पश्चिमी एशिया में बने हालात को लेकर प्रदेश सरकार लगातार निगरानी कर रही है और केंद्र सरकार के विदेश मंत्रालय के साथ संपर्क में है। उन्होंने बताया कि वर्तमान परिस्थिति कितने समय तक बनी रहेगी, इसे लेकर अभी स्पष्ट जानकारी नहीं है, लेकिन अभी तक हिमाचल के नागरिक सुरक्षित हैं।

जानकारी अनुसार पश्चिमी एशिया के विभिन्न देशों दुबई, सऊदी अरब, कतर, कुवैत और ओमान में हिमाचल प्रदेश के करीब 45 हजार लोग कार्यरत हैं। क्षेत्र में बढ़ते तनाव और कुछ जगहों पर एयरस्पेस प्रभावित होने से उनके फंसे होने की आशंकाएं जताई जा रही हैं। मंत्री ने कहा कि अधिकतर लोग अपने परिवारों के संपर्क में हैं और घबराने की कोई जरूरत नहीं है।

हर्ष वर्धन चौहान ने कहा कि राज्य सरकार लगातार फीडबैक जुटा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि प्रभावित क्षेत्रों में हिमाचल के कितने लोग मौजूद हैं। अभी सटीक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है, लेकिन जिला प्रशासन और संबंधित एजेंसियां लगातार संपर्क बनाए हुए हैं।

उन्होंने बताया कि कई परिवारों ने राज्य सरकार से संपर्क किया है और उन्हें भरोसा दिलाया गया है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जैसे ही हालात सामान्य होंगे और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बहाल होंगी, तब जो भी व्यक्ति भारत लौटना चाहेगा, उसके लिए आवश्यक सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा। फिलहाल कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर पड़ा है और कुछ इलाकों में एयरस्पेस बंद होने से आवाजाही बाधित हुई है।

इस बीच राज्य सरकार ने सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 0177-2808600 जारी किया है। जिन परिवारों के सदस्य पश्चिमी एशिया के किसी भी देश में हैं, वे इस नंबर पर संपर्क कर मार्गदर्शन और सहायता प्राप्त कर सकते हैं। सरकार का कहना है कि केंद्र के साथ मिलकर प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा और जरूरत पड़ने पर उनकी वापसी सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा