शिमला : ईंट लगने से घायल 9वीं के छात्र की मौत, 11 दिन तक जिंदगी की जंग लड़ता रहा 14 वर्षीय किशोर

 


शिमला, 10 मई (हि.स.)। राजधानी शिमला के सबसे बड़े उपनगर संजौली में निर्माणाधीन भवन से गिरी ईंट लगने से गंभीर रूप से घायल हुए 14 वर्षीय छात्र तनिष कौशल ने आखिरकार जिंदगी की जंग हार दी। छात्र ने रविवार सुबह आईजीएमसी शिमला में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मासूम की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। 9वीं कक्षा में पढ़ने वाला यह छात्र पिछले 11 दिनों से अस्पताल के आईसीयू में भर्ती था और उसकी हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी।

यह हादसा 29 अप्रैल को हुआ था। उस दिन दोपहर के समय छात्र स्कूल से घर लौट रहा था। इसी दौरान संजौली इलाके में रास्ते से गुजरते समय एक भवन से अचानक ईंट नीचे गिर गई, जो सीधे उसके सिर पर लगी। ईंट लगते ही बच्चा गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उसे आईजीएमसी पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे आईसीयू में भर्ती कर लिया था।

परिजनों के अनुसार बच्चे की हालत बेहद गंभीर थी और उसे कई दिनों तक लगातार उपचार दिया गया। पिता पवन कुमार ने बताया था कि बेटे को बचाने के लिए अब तक 11 यूनिट खून चढ़ाया जा चुका था। परिवार लगातार उसके ठीक होने की उम्मीद लगाए बैठा था, लेकिन आज सुबह बच्चे ने दम तोड़ दिया।

घटना के बाद छात्र की मां ने जिला प्रशासन और पुलिस से न्याय की गुहार लगाई थी। परिजनों का आरोप था कि जिस भवन से ईंट गिरी, वहां राहगीरों की सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए थे। उनका कहना था कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई, जिसकी वजह से उनका बच्चा इस हादसे का शिकार हुआ। छात्र अपने परिजनों संग संजौली के समिट्री में रहता था। उसके पिता आईजीएमसी में कार्यरत हैं।

पुलिस ने बच्चे की मां की शिकायत पर पहले ही संजौली थाना में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। पुलिस टीम ने घटनास्थल का दौरा भी किया था। अब बच्चे की मौत के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।

इस दर्दनाक घटना के बाद इलाके में भी शोक का माहौल है। हैरत की बात ये है कि इस हादसे के बाद भी संजौली में इसी तरह की एक अन्य घटना हुई, जिसमें ऊपर की मंजिल के निर्माण स्थल से ईंट गिरने से नीचे गुजर रहा एक राहगीर घायल हुए। लोगों ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठाए हैं और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

इस बीच आईजीएमसी एवं दंत कर्मचारी महासंघ के प्रधान हरिन्द्र सिंह मैहता, महामंत्री हनीश ठाकुर व कोषाध्यक्ष अरविंद पाल व उनकी समस्त कार्यकारिणी ने उस मकान मालिक व ठेकेदार पर कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने के लिए मुख्यमंत्री व प्रशासन से गुहार लगाई है, जिनकी लापरवाही से निर्माणाधीन मकान से एक ईंट उस बच्चे पर गिर जाने के उपरांत उसकी मौत हुई है। उन्होंने कहा है कि निर्माणाधीन कार्य के पास किसी भी प्रकार का साईन बोर्ड न लगा कर ऐसे हादसे को आमंत्रित किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा