(लीड) स्वतंत्रता दिवस पर हिमाचल के 433 कैदियों को विशेष राहत, तीन होंगे रिहा

 

शिमला, 14 अगस्त (हि.स.)। स्वतंत्रता दिवस 2026 के उपलक्ष्य पर हिमाचल प्रदेश सरकार ने जेलों में बंद पात्र दोषसिद्ध कैदियों को विशेष माफी देने की घोषणा की है। यह राहत उन कैदियों को दी जा रही है जिन्होंने कारावास के दौरान अच्छा आचरण बनाए रखा है। कारागार एवं सुधारात्मक सेवाओं विभाग के अनुसार राज्य की विभिन्न जेलों में इस समय 1025 दोषसिद्ध कैदी हैं। इनमें से 433 कैदियों को इस वर्ष विशेष माफी का लाभ मिलेगा। सरकार का कहना है कि हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर अच्छे व्यवहार वाले पात्र कैदियों को यह राहत दी जाती है, जिससे जेलों में अनुशासन और सुधार की भावना को बढ़ावा मिलता है।

सजा की अवधि के आधार पर तय हुई माफी

सरकार ने सजा की अवधि के अनुसार माफी की अलग-अलग श्रेणियां निर्धारित की हैं। 10 वर्ष से अधिक की सजा पाने वाले कैदियों, जिनमें आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे कैदी भी शामिल हैं, को तीन माह की माफी दी गई है। पांच वर्ष से अधिक और 10 वर्ष तक की सजा पाने वाले कैदियों को दो माह की राहत मिलेगी। तीन वर्ष से अधिक और पांच वर्ष तक की सजा पाने वाले कैदियों को 45 दिन की माफी प्रदान की गई है। एक वर्ष से अधिक और तीन वर्ष तक की सजा भुगत रहे कैदियों को 30 दिन की राहत दी गई है। वहीं छह माह से अधिक और एक वर्ष तक की सजा पाने वाले कैदियों को 15 दिन की विशेष माफी दी गई है।

तीन कैदियों के लिए खुलेंगे जेल के दरवाजे

इस वर्ष की विशेष माफी कुछ कैदियों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। विभाग के अनुसार 433 लाभार्थियों में तीन ऐसे कैदी भी शामिल हैं जिनकी बची हुई सजा इस माफी के कारण पूरी हो जाएगी। इसके परिणामस्वरूप उन्हें 15 अगस्त को जेल से रिहा कर दिया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस पर मिलने वाली यह राहत उन कैदियों के लिए नई शुरुआत का अवसर मानी जा रही है, जिन्होंने जेल में रहते हुए नियमों का पालन किया और अच्छा आचरण दिखाया।

किन कैदियों को नहीं मिलेगा लाभ

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह विशेष माफी सभी कैदियों पर लागू नहीं होगी। नजरबंद कैदी, एनडीपीएस अधिनियम के तहत दोषसिद्ध कैदी, पॉक्सो अधिनियम के मामलों में दोषसिद्ध कैदी, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सजा पाए व्यक्ति, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के मामलों में दोषसिद्ध कैदी, आतंकवाद से जुड़े अपराधों में सजा भुगत रहे कैदी, फिरौती के लिए अपहरण के मामलों में दोषसिद्ध कैदी, आदतन अपराधी और पैरोल से फरार हुए कैदी इस राहत के दायरे से बाहर रहेंगे। इसके अलावा संबंधित अधिसूचना में शामिल अन्य श्रेणियों के कैदियों को भी विशेष माफी का लाभ नहीं दिया जाएगा। विभाग का कहना है कि यह व्यवस्था केवल उन पात्र कैदियों के लिए है जिन्होंने जेल में रहते हुए सुधार और अनुशासन का परिचय दिया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा