आईआईटी मंडी ने शुरू किया भारत का पहला बी.टेक. कार्यक्रम

 


मंडी, 08 जून (हि.स.)। आईआईटी मंडी ने उभरते हुए प्रौद्योगिकी-आधारित उद्योगों और राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए तीन अंडरग्रेजुएट कार्यक्रमों की शुरुआत की है। नए शुरू किए गए कार्यक्रमों में बी.टेक. इन क्वांटम साइंस एंड इंजीनियरिंग, बी.टेक. इन एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग विद डेटा एनालिटिक्स और बी.टेक. इन केमिकल इंजीनियरिंग विद डेटा एनालिटिक्स शामिल हैं।

आईआईटी मंडी ने क्वांटम साइंस एंड इंजीनियरिंग में भारत का पहला बी.टेक. कार्यक्रम शुरू करके एक महत्वपूर्ण पहल की है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम संचार, क्वांटम सेंसिंग, क्वांटम मैटेरियल्स और हार्डवेयर इंजीनियरिंग के साथ-साथ कंप्यूटर साइंस, गणित और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के समन्वित अध्ययन के माध्यम से भविष्य के क्वांटम इंजीनियर तैयार करना है।

कार्यक्रम के स्नातक सुरक्षित संचार, क्वांटम हार्डवेयर और उन्नत कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में योगदान देने के लिए तैयार होंगे, जो उभरती हुई क्वांटम प्रौद्योगिकी दुनिया के प्रमुख क्षेत्र हैं। कृषि प्रौद्योगिकी के बढ़ते महत्व को देखते हुए, आईआईटी मंडी ने डेटा एनालिटिक्स सहित कृषि इंजीनियरिंग में बी.टेक. कार्यक्रम भी शुरू किया है। यह कार्यक्रम कृषि इंजीनियरिंग की मूलभूत अवधारणाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), रिमोट सेंसिंग, ऑटोमेशन और डेटा एनालिटिक्स के साथ जोड़ता है। छात्रों को प्रयोगशालाओं, फील्ड प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, अनुसंधान परियोजनाओं तथा एग्री-टेक कंपनियों एवं स्टार्टअप्स के साथ सहयोग के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे तकनीकी रूप से दक्ष पेशेवर तैयार करना है जो प्रिसिजन एग्रीकल्चर, सतत कृषि तथा जलवायु-सहिष्णु खाद्य प्रणालियों के विकास में योगदान दे सकें।

अपने बढ़ते बहुविषयक इंटरडिसिप्लिनरी शैक्षणिक विस्तार को आगे बढ़ाते हुए आईआईटी मंडी ने स्कूल ऑफ केमिकल साइंसेज के अंतर्गत डेटा एनालिटिक्स सहित केमिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक. कार्यक्रम शुरू किया है। इस कार्यक्रम का पाठ्यक्रम केमिकल इंजीनियरिंग की मूलभूत अवधारणाओं को कम्प्यूटेशनल मॉडलिंग, प्रोसेस सिमुलेशन, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस के साथ एकीकृत करता है। इसके अतिरिक्त, छात्रों को किसी भी इंजीनियरिंग, विज्ञान, मानविकी अथवा प्रबंधन विषय में माइनर या डबल मेजर करने का अवसर भी मिलेगा, जिससे वे व्यापक करियर संभावनाओं का अन्वेषण कर सकेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा