आईआईटी मंडी के 14वें दीक्षांत समारोह में 643 विद्यार्थियों को डिग्रियां, वायुन गोयल को राष्ट्रपति स्वर्ण पदक
मंडी, 20 जून (हि.स.)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी के सालगी परिसर में शनिवार को 14वें दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कुल 643 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं, जिनमें 63 पीएचडी शोधार्थी, 259 स्नातकोत्तर तथा 321 स्नातक विद्यार्थी शामिल रहे। समारोह में वेलस्पन वर्ल्ड के संस्थापक बी.के. गोयनका मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रो. वी. कामकोटि और आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता आईआईटी मंडी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) कंवलजीत सिंह ढिल्लों ने की।
मुख्य अतिथि बी.के. गोयनका ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि तेजी से बदलती दुनिया में सफलता के लिए आनंद, मौलिकता और साहस जैसे मूल्यों को अपनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में भी मौलिक सोच बनाए रखना, असफलताओं से सीखना और परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढालना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा ने कहा कि संस्थान अत्याधुनिक शोध, नवाचार और भविष्य उन्मुख शिक्षा के माध्यम से उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि संस्थान ने हाल ही में लगभग 100 करोड़ रुपये की बाह्य वित्तपोषित शोध परियोजनाएं प्राप्त की हैं। साथ ही क्वांटम साइंस एंड इंजीनियरिंग, कृषि इंजीनियरिंग विद डेटा एनालिटिक्स तथा केमिकल इंजीनियरिंग विद डेटा एनालिटिक्स जैसे नए शैक्षणिक कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं।
इस वर्ष का दीक्षांत समारोह कई मायनों में विशेष रहा। आईआईटी मंडी के इतिहास में पहली बार सर्वाधिक 321 बी.टेक. विद्यार्थियों ने स्नातक की उपाधि प्राप्त की। समारोह का मुख्य आकर्षण वायुन गोयल रहे, जिन्हें राष्ट्रपति स्वर्ण पदक के साथ बी.टेक. कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग संस्थान स्वर्ण पदक से भी सम्मानित किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा