प्रथम दर्शन योजना: देव स्थलों आमजन की पहुंच हुई आसान, राजस्व में भी बढ़ोतरी
मंडी, 02 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल पथ परिवहन निगम के माध्यम से संचालित प्रथम दर्शन योजना आमजन को प्रदेश के देव स्थलों तक सुलभ यात्रा सुविधा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इससे देवभूमि हिमाचल में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ राज्य में एचआरटीसी की आर्थिक सेहत में भी सुधार नजर आ रहा है। प्रथम दर्शन योजना के माध्यम से प्रमुख देव स्थलों को एचआरटीसी द्वारा सीधी बस सेवा से जोड़ा गया है। जिससे लोगों की अपने आराध्य देवी-देवताओं के दर्शन करने और देव स्थलों तक पहुंचाने की बेहतर सुविधा उपलब्ध हुई है।
मंडी जिला के एचआरटीसी के करसोग डिपो से भी प्रथम दर्शन योजना के अंतर्गत देवी मां शिकारी मंदिर को जोड़ा गया है। इससे करसोग क्षेत्र सहित प्रदेश के अन्य स्थानों से मां शिकारी के दर्शनों के लिए आने वाले भक्तों के लिए देवी के दरबार तक पहुंच सुगम हुई है। यह योजना लोगों को मंदिर स्थल तक पहुंचाने व वापस लाने में कारगर साबित हो रही है। सुबह करीब 9.30 बजे करसोग बस स्टैंड से चलने वाली प्रथम दर्शन बस सेवा भक्तों को देवी मां के दर्शनों उपरांत दोपहर के समय वापस करसोग बस स्टैंड लेकर पहुंचती है। इस सेवा के शुरू होने से लगभग 100 रुपए प्रति किमी की वृद्धि करसोग डिपो द्वारा दर्ज गई है।
बस यात्रियों की सुविधा के लिए सुक्खू सरकार द्वारा अन्य कदम भी उठाए गए हैं। इनमें निःशुल्क एवं रियायती श्रेणियों के पात्र लाभार्थियों के लिए हिम बस पास सुविधा शामिल है। निगम द्वारा वर्तमान में कुल 22 श्रेणियों के पात्र यात्रियों को निःशुल्क यात्रा की मूलभूत सुविधा प्रदान की जा रही है। जिनमें विशेष रूप से विद्यार्थी, महिलाएं एवं विशेष रूप से सक्षम व्यक्ति दिव्यांगजन शामिल हैं।
निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक एन.के. चांदला ने बताया कि हिम बस पास उपलब्ध करवाने में विशेष प्रयास किए गए हैं। यहां कुल 9166 हिम बस पास उपलब्ध करवाए गए हैं। इनमें से 1581 राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों, 6350 महिला यात्रियों तथा 969 विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों दिव्यांगजनों के हिम बस कार्ड शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, अन्य पात्र निःशुल्क एवं रियायती श्रेणियों के लाभार्थियों के भी हिम बस पास बनाए गए हैं।जिससे उन्हें निगम की बसों में सरकार द्वारा प्रदान की जा रही रियायती यात्रा सुविधा का लाभ सुचारू रूप से मिले सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा