एचआरटीसी पेंशनरों को हर महीने 7 से 10 तारीख के बीच मिलेगी पेंशन: सुक्खू
शिमला, 07 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के हजारों एचआरटीसी पेंशनरों के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने घोषणा की है कि अब हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के पेंशनरों को हर महीने तय समय पर पेंशन मिलेगी। उन्होंने कहा कि सभी पेंशनरों को प्रत्येक माह की 7 से 10 तारीख के बीच पेंशन का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार हर महीने 23 करोड़ रुपये की ग्रांट उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री ने यह घोषणा रविवार को शिमला में एचआरटीसी पेंशनर्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक के दौरान की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार काम कर रही है।
बैठक में पेंशनरों ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में उन्हें पेंशन के लिए दो-दो और तीन-तीन महीने तक इंतजार करना पड़ता था। इससे कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब तय समय पर पेंशन मिलने से उनकी परेशानियां काफी कम होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एचआरटीसी का प्रदेश के विकास और लोगों को परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि निगम के वर्तमान और सेवानिवृत्त कर्मचारी इसकी सबसे बड़ी ताकत हैं और उनके अधिकारों की अनदेखी नहीं की जा सकती।
उन्होंने एचआरटीसी प्रबंधन को निर्देश दिए कि अक्टूबर 2025 के बाद सेवानिवृत्त हुए उन कर्मचारियों के मामलों का जल्द निपटारा किया जाए, जिनकी पेंशन अभी तक शुरू नहीं हो पाई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेंशन किसी भी सेवानिवृत्त कर्मचारी का वैधानिक अधिकार है और इसे समय पर उपलब्ध कराना सरकार और संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है।
पेंशन के अलावा मुख्यमंत्री ने
एचआरटीसी के लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों के भुगतान के लिए भी 20 करोड़ रुपये जारी करने की घोषणा की। इससे उन सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से मेडिकल बिलों के भुगतान का इंतजार कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने एचआरटीसी की वित्तीय व्यवस्था को सुधारने के लिए कई कदम उठाए हैं, ताकि कर्मचारियों के वेतन और पेंशन का भुगतान समय पर हो सके। उन्होंने बताया कि एचआरटीसी को हर साल करीब 1,500 करोड़ रुपये प्राप्त होते हैं। इनमें लगभग 800 करोड़ रुपये निगम की अपनी आय होती है, जबकि करीब 720 करोड़ रुपये राज्य सरकार की ओर से अनुदान के रूप में दिए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि एचआरटीसी प्रदेश भर में करीब 3,000 बसों का संचालन करता है। पहाड़ी राज्य में परिवहन सेवाएं बनाए रखने के लिए निगम को भारी खर्च वहन करना पड़ता है, जिससे वित्तीय दबाव भी बढ़ता है। इसके बावजूद सरकार निगम को मजबूत बनाने और कर्मचारियों तथा पेंशनरों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध करा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा