एचआरटीसी पेंशनरों ने मांगा 8 फीसदी महंगाई भत्ता, 3 नवंबर को मुख्यालय घेराव की चेतावनी

 


शिमला, 23 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार से आठ प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) जारी करने की मांग की है। पेंशनरों ने लंबित पेंशन और अन्य वित्तीय देनदारियों का भुगतान 31 अक्तूबर तक करने का अल्टीमेटम दिया है। उनकी मांगें पूरी नहीं होने पर 3 नवंबर को एचआरटीसी मुख्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी गई है। पेंशनरों ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर वे दिवाली भी मुख्यालय के बाहर मनाएंगे।

शुक्रवार को एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक शिवम प्रताप के साथ हुई बैठक में पेंशनरों ने अपनी लंबित मांगें उठाईं। हालांकि, बैठक में कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका। प्रबंध निदेशक ने मांगों को प्रदेश सरकार के समक्ष रखने का आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वित्तीय मांगों को पूरा करने के लिए बजट की उपलब्धता जरूरी है।

एचआरटीसी पेंशनर्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी के सचिव राजेंद्र ठाकुर ने प्रेस वार्ता में कहा कि निगम के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को महंगाई भत्ते का लाभ देने में भेदभाव हो रहा है। प्रदेश सरकार के अन्य विभागों के पेंशनरों को तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल चुका है, जबकि एचआरटीसी के पेंशनरों को इसका लाभ नहीं मिला है। शुक्रवार को प्रदेश सरकार की ओर से कर्मचारियों के लिए पांच प्रतिशत महंगाई भत्ता जारी किए जाने के बाद निगम के पेंशनरों ने कुल आठ प्रतिशत डीए देने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि महंगाई भत्ते की पूरी किस्त 31 अक्तूबर से पहले जारी की जानी चाहिए।

पेंशन नहीं मिलने से आर्थिक तंगी

पेंशनरों का कहना है कि उम्रभर निगम की बसों और कार्यालयों में सेवाएं देने के बाद अब उन्हें अपने घर का खर्च चलाने में परेशानी हो रही है। दिसंबर 2025 के बाद सेवानिवृत्त हुए कई कर्मचारी करीब दस महीने से पेंशन का इंतजार कर रहे हैं। पेंशन भुगतान में देरी के कारण उन्हें रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में भी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

पेंशनरों के अनुसार सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन ही उनके जीवनयापन का प्रमुख सहारा होती है। ऐसे में महीनों तक पेंशन नहीं मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि लंबे समय तक निगम में सेवाएं देने के बाद बुढ़ापे में उन्हें अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा