एचआरटीसी के बेड़े में शामिल हुईं 297 नई ई-बसें, एक हज़ार और खरीदने का सरकार ने किया ऐलान
शिमला, 30 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के बेड़े में 297 नई टाइप-1 इलेक्ट्रिक बसें शामिल कर दी हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वीरवार को सोलन जिले के क्यारीघाट में इन बसों को हरी झंडी दिखाकर एचआरटीसी के विभिन्न डिपो के लिए रवाना किया। इस अवसर पर यात्रियों के लिए 'हिमबस प्लस कार्ड' की भी शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इसी वर्ष 1000 और इलेक्ट्रिक बसें खरीदने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा 100 हाइड्रोजन बसें खरीदने पर भी विचार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 297 नई बसों के शामिल होने के बाद एचआरटीसी के बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या करीब 500 हो गई है। उन्होंने बताया कि नई बसों की खरीद के लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उनका कहना था कि सरकार का लक्ष्य हिमाचल में स्वच्छ और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करना है।
उन्होंने कहा कि नई इलेक्ट्रिक बसों से यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक, शांत और प्रदूषण मुक्त यात्रा का अनुभव मिलेगा। इन बसों के संचालन से डीजल पर निर्भरता कम होगी और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। सरकार ने इनके संचालन के लिए विभिन्न डिपो में आधुनिक चार्जिंग स्टेशन भी तैयार किए हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार इलेक्ट्रिक बसों से एचआरटीसी के खर्च में भी बड़ी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों पर स्टाफ सहित कुल परिचालन खर्च 36 से 38 रुपये प्रति किलोमीटर आता है, जबकि डीजल बसों पर यही खर्च 76 से 86 रुपये प्रति किलोमीटर है। इस तरह नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से प्रति किलोमीटर 40 से 50 रुपये तक की बचत होगी। उन्होंने कहा कि इससे निगम की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और उसे आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि मौजूदा इलेक्ट्रिक बसें एक बार चार्ज होने पर करीब 200 किलोमीटर तक चलती हैं। आने वाले समय में खरीदी जाने वाली नई बसें एक बार चार्ज होने पर 250 से 300 किलोमीटर तक चल सकेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार नई तकनीक वाली बसों को प्राथमिकता दे रही है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने 'हिमबस प्लस कार्ड' भी लॉन्च किया। उन्होंने बताया कि इस कार्ड से यात्रियों को डिजिटल और कैशलेस यात्रा की सुविधा मिलेगी। सामान्य यात्रियों को बस किराये में पांच प्रतिशत और वरिष्ठ नागरिकों को 15 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। इसके अलावा एचआरटीसी की बसों के मासिक उपयोग के आधार पर अधिकतम 2000 रुपये प्रति माह तक कैशबैक का लाभ भी दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अपने पहले बजट में हिमाचल को हरित राज्य बनाने का लक्ष्य रखा था और उसी दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल बेहतर परिवहन उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि स्वच्छ पर्यावरण और जलवायु संरक्षण को भी बढ़ावा देना है।
पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार वर्ष 2027 तक हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार संसाधनों से आय बढ़ाने और सार्वजनिक उपक्रमों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि किशाऊ जलविद्युत परियोजना, वाइल्ड फ्लावर हॉल और अन्य स्रोतों से राज्य की आय बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। साथ ही उन्होंने बीबीएमबी एरियर का मुद्दा भी उठाते हुए कहा कि यह हिमाचल का अधिकार है और सरकार इसे प्राप्त करने के लिए प्रयास जारी रखेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा