वोल्वो बस चालक पर हुए हमले से परिवहन मजदूर संघ गुस्से में

 

मंडी, 24 मई (हि.स.)। दिल्ली से रोहड़ू जा रही वोल्वो बस के चालक के साथ रविवार को शिमला के घोड़ा चौकी में हरियाणा के युवकों जिन्हें पर्यटक नहीं गुंडा कहा गया है, की गई बेरहमी से मारपीट के मामले में परिवहन मजदूर संघ गुस्से में हैं। संघ के प्रदेश सचिव हरीश कुमार पराशर ने बताया कि दिल्ली से शिमला-रोहड़ू जा रही एचआरटीसी वोल्वो बस के चालक राजेंद्र कुमार पर चार स्कॉर्पियो सवार व्यक्तियों द्वारा जानलेवा हमला किया गया। हमलावरों ने बस के आगे अपनी गाड़ी खड़ी कर चालक को जबरन बाहर खींचा और बेरहमी से मारपीट की। बस में लगभग 30-35 यात्री सवार थे। यदि समय रहते परिचालक ने सूझबूझ दिखाते हुए हैंड ब्रेक न लगाया होता तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। हमले में चालक के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं तथा लगभग 6 टांके लगे हैं।

प्रारंभ में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि परिवहन कर्मचारियों द्वारा कड़े विरोध और हड़ताल की चेतावनी के बाद अन्य दो आरोपियों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। परिवहन मजदूर संघ ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि एचआरटीसी चालक-परिचालकों पर लगातार हो रही मारपीट, गुंडागर्दी और हमलों की घटनाओं ने कर्मचारियों में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। बैजनाथ, जोगिंदरनगर, रोहड़ू तथा अन्य क्षेत्रों में लगातार सामने आ रही घटनाएं अत्यंत चिंताजनक हैं।

संघ ने सरकार, प्रशासन एवं निगम प्रबंधन से मांग की है कि चालक-परिचालकों की सुरक्षा हेतु तुरंत प्रभाव से विशेष सुरक्षा कानून अथवा मेडी पर्सन एक्ट जैसा कठोर प्रावधान लागू किया जाए, ताकि ऐसे अपराधियों को आसानी से जमानत न मिल सके और कर्मचारियों में सुरक्षा की भावना बहाल हो।

संघ ने निगम प्रबंधन द्वारा चालक-परिचालकों के परना पहनने पर उठाए जा रहे सवालों पर भी कड़ा रोष व्यक्त किया। संघ ने कहा कि भीषण गर्मी, कड़ाके की ठंड और कठिन परिस्थितियों में सेवाएं देने वाले कर्मचारी अपने स्वास्थ्य एवं पसीना पोंछने के लिए परना इस्तेमाल करते हैं। निगम की छवि परना पहनने से नहीं, बल्कि कर्मचारियों की सुरक्षा की अनदेखी, लंबित वेतन-भत्तों, बसों में कलपुर्जों की कमी, बढ़ते निजीकरण और कर्मचारियों के शोषण से धूमिल हो रही है।

परिवहन मजदूर संघ ने कहा कि एचआरटीसी कर्मचारियों के करोड़ों रुपये के नाइट ओवरटाइम एवं अन्य देनदारियां आज भी लंबित हैं। कई बसें कलपुर्जों के अभाव में दिनों तक खड़ी रहती हैं और रूट निजी ऑपरेटरों को सौंपे जा रहे हैं, जिससे निगम और कर्मचारियों दोनों का भविष्य खतरे में पड़ रहा है। संघ ने सरकार और निगम प्रबंधन से मांग की कि कर्मचारियों की सुरक्षा, लंबित देनदारियों के भुगतान, पर्याप्त कलपुर्जों की उपलब्धता तथा एचआरटीसी को मजबूत एवं जनहितकारी संस्था बनाए रखने हेतु ठोस कदम तुरंत उठाए जाएं। इस हमले के बाद परिवहन मजदूर संघ ने रविवार को एक वर्चुअल बैठक की।

इस बैठक में परिवहन मजदूर संघ के अध्यक्ष प्यार सिंह ठाकुर कार्यकारी अध्यक्ष राजन वर्मा, अध्यक्ष मेहर चंद कश्यप, महामंत्री हरीश पाराशर, कोषाध्यक्ष कपिल शर्मा, उपाध्यक्ष रीना देवी, प्रियंका, संगठन मंत्री महेंद्र कुमार तथा मनोज शर्मा, ललित कुमार, शुभम चौधरी, तिलक राज, शेष राम ,सोहन सिंह ठाकुर, पदम देव ,रूप राणा सहित अन्य सदस्यों ने भाग लिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा