एचआरटीसी हड़ताल से निपटने में जुटी सुक्खू सरकार, निजी बसों को उतारने की तैयारी
शिमला, 23 जून (हि.स.)। हिमाचल में बुधवार की मध्यरात्रि से एचआरटीसी चालक-परिचालक की प्रस्तावित हड़ताल से पहले सरकार और प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है। एक तरफ एचआरटीसी के कर्मचारी संगठन चक्का जाम की तैयारी में जुटे हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकार ने साफ कर दिया है कि प्रदेश की परिवहन व्यवस्था को ठप नहीं होने दिया जाएगा। इसी रणनीति के तहत अब उन मार्गों पर निजी बसों को उतारने की तैयारी शुरू हो गई है, जहां एचआरटीसी की सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है।
शिमला सहित विभिन्न जिलों में निजी बस ऑपरेटरों, टैक्सी यूनियनों और अन्य परिवहन संस्थाओं को अलर्ट कर दिया गया है ताकि लाखों यात्रियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
एचआरटीसी रूटों पर दौड़ सकती हैं निजी बसें
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी शिमला विश्व मोहन देव चौहान ने बताया कि संभावित हड़ताल को देखते हुए वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। निजी बस संचालकों को उन महत्वपूर्ण और व्यस्त रूटों पर सेवाएं संचालित करने के लिए आमंत्रित किया गया है, जहां सामान्य तौर पर एचआरटीसी की बसें चलती हैं। इसके लिए विशेष परमिट जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। टैक्सी यूनियनों को पर्याप्त वाहन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि स्कूलों और अन्य शिक्षण संस्थानों से भी आवश्यकता पड़ने पर अपने वाहनों और प्रशिक्षित चालकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रशासन का दावा है कि किसी भी हाल में यात्रियों को बेसहारा नहीं छोड़ा जाएगा।
एस्मा लागू, नई भर्ती तक की चेतावनी
उधर उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने हड़ताल के ऐलान पर कड़ा रुख अपनाते हुए दो टूक कहा है कि एचआरटीसी सेवाएं बाधित नहीं होने दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) पहले ही लागू किया जा चुका है और सार्वजनिक परिवहन जैसी आवश्यक सेवाओं को रोकने की किसी भी कोशिश पर कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। अग्निहोत्री ने यहां तक चेतावनी दी कि यदि चालक और परिचालक हड़ताल पर जाते हैं और सेवाएं प्रभावित होती हैं तो सरकार नए चालक और परिचालक भर्ती करने से भी पीछे नहीं हटेगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कर्मचारियों की मांगों पर बातचीत के दरवाजे अब भी खुले हैं और सरकार संवाद के जरिए समाधान चाहती है।
यात्रियों से सतर्क रहने की अपील
हड़ताल की आहट के बीच परिवहन विभाग ने यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले बस सेवाओं की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की है। विभाग का कहना है कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त वाहन और वैकल्पिक साधन उपलब्ध कराए जाएंगे। एचआरटीसी को प्रदेश की जीवनरेखा माना जाता है और रोजाना लाखों लोग इसकी बसों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में बुधवार मध्यरात्रि से शुरू होने वाली प्रस्तावित हड़ताल केवल कर्मचारियों और सरकार के बीच टकराव का ही मामला नहीं है। इसका सीधा असर आम यात्रियों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा