रामपुर बस हादसा : बस में नहीं मिली खराबी, धंसा हुआ था सड़क का बाहरी किनारा

 


शिमला, 17 जुलाई (हि.स.)। जिला शिमला के रामपुर उपमंडल के कोठाधार में 2 दिन पहले हुए एचआरटीसी बस हादसे की शुरुआती जांच में सड़क की स्थिति हादसे की सबसे बड़ी वजह बनकर सामने आई है। एचआरटीसी की मंडल स्तरीय निरीक्षण समिति ने अपनी जांच में पाया कि जिस स्थान पर दुर्घटना हुई, वहां सड़क का बाहरी किनारा धंसा हुआ था और उसे पर्याप्त सहारा नहीं मिल रहा था। इसी कारण बस का पिछला हिस्सा सड़क से नीचे खिसक गया और बस करीब 150 मीटर नीचे घाटी की ओर स्थित कृषि भूमि तक लुढ़क गई। समिति ने यह भी पाया कि दुर्घटनास्थल पर सड़क की चौड़ाई 2.63 मीटर थी, जबकि बस की चौड़ाई 2.34 मीटर थी।

बस में तकनीकी खराबी नहीं मिली, सड़क की स्थिति बनी कारण

यह हादसा 15 जुलाई की शाम करीब साढ़े छह बजे रामपुर-खोलीघाट वाया कोठाधार मार्ग पर चल रही एचआरटीसी की बस संख्या एचपी-06-6454 के साथ हुआ था। हादसे के अगले दिन शिमला मंडल के मंडलीय प्रबंधक की अध्यक्षता में गठित निरीक्षण समिति ने बस और दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच में फ्रंट स्प्रिंग लीफ (कमानी), टाई-रॉड एंड, ब्रेक सिस्टम और ब्रेक प्रेशर पाइप सहित सभी प्रमुख यांत्रिक हिस्से सही हालत में पाए गए। समिति के अनुसार बस में ऐसी कोई तकनीकी खराबी नहीं मिली, जिसे दुर्घटना का कारण माना जा सके। शुरुआती जांच सड़क के धंसे हुए किनारे और सीमित चौड़ाई की ओर इशारा करती है।

तीन लोगों की जान गई, नौ घायल अस्पतालों में भर्ती

हादसे के समय बस में 24 यात्री सवार थे। दुर्घटना में 70 वर्षीय डाकू राम की मौके पर ही मौत हो गई। एचआरटीसी के परिचालक जय प्रकाश ने एमजीएमसी अस्पताल, खनेरी में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि 72 वर्षीय अमर सिंह की आईजीएमसी शिमला ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। वर्तमान में छह घायल एमजीएमसी अस्पताल, खनेरी और तीन घायल आईजीएमसी शिमला में उपचाराधीन हैं। एचआरटीसी ने कहा है कि सभी घायलों के इलाज का पूरा खर्च निगम वहन कर रहा है और प्रभावित यात्रियों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा