राज्यपाल तक पहुंचेगी एचपीयू शिक्षक संघ की आवाज, भर्ती विधेयक के विरोध में प्रदर्शन जारी

 


शिमला, 07 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिक्षक कल्याण संघ (एचपीयूटीडब्ल्यूए) द्वारा प्रस्तावित शिक्षक भर्ती विधेयक के विरोध में सोमवार को भी हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रहा। संघ ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं संस्थागत स्वायत्तता, शिक्षकों की गरिमा और उच्च शिक्षा के मूल्यों की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है।

प्रदर्शन के दौरान संघ ने राज्यपाल से मुलाकात करने का निर्णय लिया। प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल के समक्ष शिक्षक समुदाय की मांगों तथा प्रस्तावित शिक्षक भर्ती व्यवस्था को लेकर अपनी आपत्तियां रखेगा। संघ का कहना है कि विश्वविद्यालय की स्वायत्तता उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और स्वतंत्र शैक्षणिक वातावरण के लिए आवश्यक है।

प्रदर्शन में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ एवं विशिष्ट प्रोफेसरों के अलावा विश्वविद्यालय विधि संस्थान, सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, वाणिज्य एवं व्यवसाय अध्ययन केंद्र, स्नातकोत्तर केंद्र, दूरस्थ एवं मुक्त शिक्षा केंद्र तथा सांध्य केंद्र के प्राध्यापकों ने भी भाग लिया। शिक्षकों ने कहा कि यह मुद्दा केवल भर्ती प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक स्वतंत्रता, प्रशासनिक स्वायत्तता, शिक्षा की गुणवत्ता और शिक्षक की पेशेवर गरिमा से जुड़ा है।

संघ के अध्यक्ष प्रो. नितिन व्यास ने कहा कि शिक्षक भर्ती विश्वविद्यालय की अकादमिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। भर्ती प्रक्रिया में विश्वविद्यालय की स्वायत्तता, विषय विशेषज्ञता और शैक्षणिक योग्यता को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

डॉ. अशोक बंसल और डॉ. संजय शर्मा ने भी पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ विश्वविद्यालय की स्वायत्तता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

धर्मशाला स्थित क्षेत्रीय केंद्र में भी शिक्षकों ने प्रस्तावित व्यवस्था के विरोध में आवाज उठाई। संघ ने कहा कि जब तक शिक्षकों की चिंताओं का उचित समाधान नहीं होता, शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक विरोध जारी रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला