हिमाचल विश्वविद्यालय में शुरू होगा बीटेक एआई कोर्स, छात्रों और शिक्षकों को विदेश भेजेगी सुक्खू सरकार
शिमला, 22 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) में आने वाले समय में नए दौर की पढ़ाई से जुड़े पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों को विदेश में एक्सपोजर विजिट पर भी भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को हिमाचल विश्वविद्यालय के 57वें स्थापना दिवस समारोह में यह घोषणा की। उन्होंने विश्वविद्यालय में बीटेक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) कोर्स शुरू करने के लिए पांच करोड़ रुपये देने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए विश्वविद्यालय को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग और डेटा स्टोरेज जैसी आधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को ग्रीन हाइड्रोजन के लिए नोडल एजेंसी के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य सरकार इन क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है।
सुक्खू ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन के आठ वर्ष हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में बिताए और उनकी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत भी यहीं से हुई। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय ने उन्हें बहुत कुछ सीखने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर महावीर सिंह और केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा भी इसी विश्वविद्यालय के छात्र रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज एचपीयू के पूर्व छात्र देश और प्रदेश के कई अहम पदों पर काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने राजनीतिक कारणों से खोले गए करीब 500 शिक्षण संस्थानों को वर्तमान सरकार ने बंद करने का फैसला लिया और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया। पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम, राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल और छात्रों व शिक्षकों के एक्सपोजर टूर जैसी योजनाएं शुरू की गईं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 150 से अधिक नए सीबीएसई स्कूल खोले गए हैं और इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। पहले सरकारी स्कूलों से छात्र निजी स्कूलों की ओर जा रहे थे, जबकि अब सरकारी स्कूलों में 24 हजार से अधिक विद्यार्थियों का नामांकन बढ़ा है।
सुक्खू ने कहा कि प्रदेश के चार मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है। एक रोबोटिक सर्जरी पर करीब 1.25 लाख रुपये खर्च आता है, जिसमें राज्य सरकार 80 हजार रुपये की सहायता दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पांच स्वचालित प्रयोगशालाएं स्थापित करने के लिए 125 करोड़ रुपये दिए गए हैं और ये प्रयोगशालाएं दिसंबर तक तैयार हो जाएंगी।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय में 10.25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी और 6.09 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज के प्रशासनिक भवन की आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि डिजिटल लाइब्रेरी से छात्रों को आधुनिक ई-संसाधन और शोध सामग्री उपलब्ध होगी, जबकि नया प्रशासनिक भवन राज्य में गुणवत्तापूर्ण विधि शिक्षा को मजबूत करेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा