हिमाचल टूरिज्म कर्मचारियों को 24 दिन से नहीं मिला वेतन, आंदोलन की चेतावनी
शिमला, 24 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) के कर्मचारियों का अगस्त का वेतन 24 दिन बाद भी जारी नहीं हुआ है। समय पर वेतन नहीं मिलने से नाराज कर्मचारियों ने अब आंदोलन की चेतावनी दी है। भारतीय मजदूर संघ समर्थित एचपीटीडीसी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष मदन सिंह राणा ने कहा कि कई कर्मचारी किराये के मकानों में रहते हैं और वेतन में देरी से उनके सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप कर कर्मचारियों को समय पर वेतन दिलाने और निगम के अध्यक्ष को पद से हटाने की मांग की है।
वेतन के साथ एरियर और बिलों का भुगतान भी लंबित
शिमला में वीरवार को पत्रकार वार्ता में मदन सिंह राणा ने कहा कि निगम में करीब 1,000 नियमित, 70 दैनिक वेतनभोगी और 500 आउटसोर्स कर्मचारी हैं। उनके अनुसार कर्मचारियों के विभिन्न महंगाई भत्ते के एरियर और वर्ष 2016 के अंतरिम वेतन से संबंधित एरियर भी लंबित हैं। पिछले करीब एक वर्ष से कर्मचारियों के चिकित्सा और यात्रा भत्ते के बिलों का भुगतान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों को समय पर भुगतान कर रही है, लेकिन पर्यटन निगम के कर्मचारियों को वेतन के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
होटल वाइल्ड फ्लावर हॉल की आय का पैसा निगम को देने की मांग
राणा ने निगम की वित्तीय स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि होटल वाइल्ड फ्लावर हॉल से अब तक करीब 401 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि हर महीने करीब 1.25 करोड़ रुपये का किराया सीधे सरकार को जा रहा है। उनका कहना था कि अगर यह राशि निगम को मिलती तो कर्मचारियों को वेतन देने में मौजूदा स्थिति नहीं बनती। उन्होंने सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की कि पर्यटन निगम की इकाइयों से होने वाली आय का इस्तेमाल कहां किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कुल्लू की चार इकाइयों में एक साथ नवीनीकरण का काम चलने से उनकी आय प्रभावित हो रही है। राणा ने पर्यटन निगम की आठ इकाइयों को संचालन एवं रखरखाव (ओएंडएम) के आधार पर देने की दूसरी पहल पर भी सवाल उठाया।
निगम को बेचने की दिशा में ले जाने का आरोप
राणा ने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी पर्यटन निगम को कमजोर कर रहे हैं और कुछ अधिकारी पर्यटन इकाइयों को निजी हाथों में देने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार के समय भी कुछ होटलों को बेचने का मामला सामने आया था, जिसे उस समय मुख्यमंत्री ने रोक दिया था। अब सरकार को बताना चाहिए कि निगम के होटलों से होने वाली आय का इस्तेमाल कहां किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी संघ को अपनी समस्याओं पर बातचीत के लिए सरकार की ओर से नहीं बुलाया जा रहा है। राणा ने मुख्यमंत्री से एचपीटीडीसी के कामकाज को स्वयं देखने और निगम के अध्यक्ष को पद से हटाने की मांग की।
एक अक्टूबर तक वेतन नहीं मिला तो आंदोलन
राणा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार एक अक्टूबर तक कर्मचारियों के वेतन का भुगतान नहीं करती और निगम के अध्यक्ष को पद से नहीं हटाया जाता है तो संघ आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार के समय भी संघ ने 36 सूत्रीय मांगपत्र दिया था। मांगों पर बातचीत नहीं होने पर सचिवालय तक आंदोलन किया गया था और कर्मचारियों के खिलाफ मामले भी दर्ज हुए थे। उन्होंने कहा कि इस बार भी संघ अनुशासन के साथ अपनी बात रखेगा, लेकिन अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है।
उन्होंने कहा कि आंदोलन के अगले चरण में निगम के अध्यक्ष को काले झंडे दिखाए जाएंगे और पुतले जलाए जाएंगे। संघ ने मुख्यमंत्री से प्रदेश के पर्यटन निगम की स्थिति की समीक्षा करने की मांग की।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा