श्रम संहिताओं की जगह पुराने श्रम कानूनों को फिर से लागू करने की मांग
मंडी, 13 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश मेडिकल रिप्रेजेंटेटिवस एसोसिएशन ने मंडी में चार श्रम संहिताओं के माध्यम से श्रमिकों के संवैधानिक अधिकारों के हमलों के विरोध में एक विशेष शैक्षाणिक कार्यक्रम का आयोजन किया। इस शैक्षणिक सभा को दवा प्रतिनिधियों के अखिल भारतीय संगठन एफ एम आर ए आई के आखिल भारतीय सचिव शेषनाथ तिवारी व उपाध्यक्ष शिव कुमार ने प्रदेश भर से आए एच पी एम आर ऐ के 65 सदस्यों को केंद्र सरकार द्वारा पारित इन चार श्रम संहिताओं के कुप्रभावों के बारे में विस्तार से अवगत कराया।
इस अवसर पर सीआईटीयू के अखिल भारतीय सचिव डा. कश्मीर सिंह ठाकुर ने सम्मेलन में आए सदस्यों को इन श्रम संहिताओं का मजदूरों के अधिकारों पर हमला बताया। डॉ कश्मीर सिंह ने बताया कि इन श्रम संहिताओं के विरोध में पूरे देश भर के सभी मज़दूर संगठना व उनके सभी सदस्य पहली और दो दिसंबर 2026 को दिल्ली का घेराव करने पहुंच रहे हैं ताकि देश की सरकार को इन श्रम संहिताओं को वापिस लेने व पुराने श्रम कानूनों को फिर से लागू करने को झुकाने लिए मजबूती से विरोध कर मजबूर किया जाएगा। यह समय मजदूर वर्ग के पलटवार करने का समय है और अभी नहीं तो कभी नहीं की रणनीति पर चलते हुए इन श्रम संहिताओं को किसी भी सूरत में लागू नहीं करने देंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा