हिमाचल में 16,877 बागवानों को एमआईएस के तहत 35.68 करोड़ रुपये जारी
शिमला, 23 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में सेब उत्पादकों को राहत देते हुए हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (एचपीएमसी) ने वर्ष 2026 में मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (एमआईएस) के तहत करीब 16,877 बागवानों को 35.68 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इनमें 17.53 करोड़ रुपये नकद और 18.15 करोड़ रुपये कृषि सामग्री के रूप में दिए गए हैं। वहीं, 7,059 बागवानों के 12.13 करोड़ रुपये के भुगतान दावों की प्रक्रिया अभी जारी है।
एचपीएमसी के एक प्रवक्ता ने शुक्रवार को बताया कि प्रदेश सरकार बागवानों के हितों की रक्षा और उनके भुगतान समय पर सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है। निगम के निदेशक मंडल की 222वीं बैठक 8 अक्टूबर, 2026 को हुई थी। इसमें एमआईएस के तहत लंबित भुगतान दावे जमा करवाने के लिए समय-सीमा तय की गई है। इसका उद्देश्य दावों का सत्यापन, वित्तीय देनदारी का निर्धारण और भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी तथा समयबद्ध बनाना है।
प्रवक्ता के अनुसार एमआईएस-2024 और इससे पहले के वर्षों में सेब की आपूर्ति करने वाले जिन बागवानों ने अभी तक भुगतान दावे जमा नहीं करवाए हैं, उन्हें 30 अक्टूबर, 2026 तक आवेदन करना होगा। एमआईएस-2025 के तहत 30 बैग तक सेब की आपूर्ति करने वाले बागवान 15 नवंबर, 2026 तक अपने दावे जमा करवा सकेंगे। वहीं, 31 से 100 बैग तक सेब की आपूर्ति करने वाले जिन उत्पादकों के दावे लंबित हैं, उन्हें 30 नवंबर, 2026 तक आवश्यक दस्तावेजों सहित दावे प्रस्तुत करने होंगे।
निगम ने लंबित दावों के निपटारे के लिए सभी संबंधित शाखाओं को जरूरी निर्देश जारी किए हैं। प्रत्येक शाखा में प्राप्त दावों और उनसे जुड़े दस्तावेजों का रिकॉर्ड रखा जाएगा। लंबित दावों के लिए वरिष्ठता रजिस्टर बनाए रखना अनिवार्य किया गया है। आवश्यक दस्तावेज मिलने के बाद हर दावे को क्रम संख्या दी जाएगी और उसका विवरण रजिस्टर में दर्ज होगा। इससे दावों का क्रमवार रिकॉर्ड रखने और उनकी प्रक्रिया पर नजर बनाए रखने में मदद मिलेगी।
प्रवक्ता ने बताया कि शाखा स्तर पर बागवानों को सुविधाजनक सेवाएं देने के लिए भी व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। एचपीएमसी ने संबंधित बागवानों से अपील की है कि वे निर्धारित समय-सीमा का ध्यान रखते हुए अपने लंबित एमआईएस भुगतान दावे जरूरी दस्तावेजों के साथ संबंधित शाखा में जमा करवाएं। इससे दावों का सत्यापन और भुगतान संबंधी आगे की कार्रवाई नियमानुसार पूरी की जा सकेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा