हिमाचल प्रदेश में पशु चिकित्सकों के लिए आश्वस्त कैरियर प्रगति योजना पुनः लागू करने की मांग

 


मंडी, 16 जनवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश पशु चिकित्सा अधिकारी संघ ने राज्य सरकार से आगामी बजट वर्ष 2026-27 में आश्वस्त कैरियर प्रगति योजना को पुनः लागू करने की मांग की है। संघ के जिला सचिव डॉ. निशांत ठाकुर ने बताया कि संघ की तरफ से उपनिदेशक, पशुपालन विभाग मंडी को ज्ञापन दिया गया। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश सिविल सेवा (वेतन) नियम, 2022 लागू करते समय 03.01.2022 से आश्वस्त कैरियर प्रगति योजना को समाप्त कर दिया गया, जिससे पशुपालन विभाग में कार्यरत पशु चिकित्सा अधिकारियों की पदोन्नति और वेतन प्रगति बुरी तरह प्रभावित हुई है। पशु चिकित्सा अधिकारियों के लिए विभाग में पदोन्नति के अवसर अत्यंत सीमित हैं। प्रवेश स्तर से लेकर उप निदेशक पद तक लगभग 30 वर्षों तक कोई ठोस पदोन्नति व्यवस्था नहीं है। विभाग में केवल एक निदेशक और चार संयुक्त निदेशक के पद ही पदोन्नति के लिए उपलब्ध हैं, जबकि वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी बनने में भी 20 वर्ष से अधिक का समय लग जाता है।

उन्होंने बताया कि 03.01.2022 से पहले पशु चिकित्सा अधिकारियों को 4, 9 और 14 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) के माध्यम से आश्वस्त कैरियर प्रगति योजना का लाभ दिया जाता था। योजना समाप्त होने के बाद समान सेवा अवधि और समान कार्य करने वाले अधिकारियों के वेतन में भारी असमानता उत्पन्न हो गई है। इससे एक ही संवर्ग में दो प्रकार के वेतन ढांचे बन गए हैं, जिससे आर्थिक नुकसान और मानसिक असंतोष बढ़ा है।

संघ ने यह भी बताया कि विशेष रूप से वर्ष 2008 के बाद भर्ती हुए पशु चिकित्सकों की कैरियर प्रगति पूरी तरह अवरुद्ध हो गई है। ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत पशु चिकित्सक पशुपालकों को उनके घर-द्वार पर महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान करते हैं। दुग्ध एवं मांस उत्पादन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, जिसमें पशु चिकित्सकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। आश्वस्त कैरियर प्रगति योजना समाप्त होने से युवा पशु चिकित्सकों का मनोबल गंभीर रूप से गिरा है।

हिमाचल प्रदेश पशु चिकित्सा अधिकारी संघ ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से आग्रह किया है कि पशु चिकित्सकों के साथ हो रहे इस वित्तीय और प्रशासनिक अन्याय को समाप्त करने हेतु बजट 2026-27 में आश्वस्त कैरियर प्रगति योजना को पुनः लागू किया जाए, ताकि सेवा में समानता, न्याय और प्रेरणा सुनिश्चित हो सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा