हिमाचल के कई हिस्सों में भारी बारिश, 16 अगस्त तक अलर्ट, मंडी में 245 ट्रांसफार्मर बंद
शिमला, 10 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। शिमला सहित प्रदेश के कई हिस्सों में बीती रात तेज बारिश हुई। मौसम विभाग ने 16 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। आज और कल 11 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद 14 से 16 अगस्त के बीच भी कई जगह भारी बारिश की चेतावनी है। लगातार बारिश से भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है और कई सड़कें, बिजली ट्रांसफार्मर और पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
पिछले 24 घंटों में धर्मशाला में सबसे ज्यादा 60 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सोलन जिले के अर्की में 50 मिलीमीटर, शिमला जिले के ठियोग में 40 मिलीमीटर, सिरमौर के पांवटा साहिब में 40 मिलीमीटर और शिमला में 40 मिलीमीटर बारिश हुई। मंडी जिले के जोगिंद्रनगर में भी 40 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
शिमला के जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट में 30 मिलीमीटर, शिमला ए.डब्ल्यू.एस. में 30 मिलीमीटर, बिलासपुर के घाघस में 30 मिलीमीटर, शिमला जिले के शिलारो में 30 मिलीमीटर, सिरमौर के सराहन में 30 मिलीमीटर और मंडी के कटौला में 30 मिलीमीटर बारिश हुई। मंडी के बिजाही में 30 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग के अनुसार 11 अगस्त को कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भारी से बहुत भारी बारिश का ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है। ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, शिमला और सोलन के लिए येलो अलर्ट है।
12 अगस्त को बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर में भारी बारिश का येलो अलर्ट है। 13 अगस्त को बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा और मंडी में येलो अलर्ट रहेगा। 14 अगस्त को हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी में येलो अलर्ट जारी किया गया है। 15 और 16 अगस्त को भी प्रदेश के कई जिलों में येलो अलर्ट रहेगा।
बारिश का असर प्रदेश की सड़कों और बिजली व्यवस्था पर भी दिख रहा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के सोमवार सुबह तक के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में भूस्खलन के कारण 124 सड़कें बंद हैं। 255 बिजली ट्रांसफार्मर और 17 पेयजल परियोजनाएं भी प्रभावित हैं।
सड़कें बंद होने के मामले में मंडी सबसे आगे है, जहां 51 सड़कें अवरुद्ध हैं। कुल्लू में 39, शिमला में 13, चंबा में सात, सिरमौर में छह, कांगड़ा में पांच और ऊना में तीन सड़कें बंद हैं।
बिजली आपूर्ति पर सबसे ज्यादा असर मंडी जिले में पड़ा है। यहां 245 बिजली ट्रांसफार्मर बंद हैं। इसके कारण जिले के कई उपमंडलों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। अकेले जोगिंद्रनगर उपमंडल में 162 ट्रांसफार्मर खराब हैं।
पेयजल योजनाओं पर भी बारिश का असर पड़ा है। शिमला में 12 और हमीरपुर के बड़सर में पांच पेयजल योजनाएं ठप हैं।
इस बीच, राजधानी शिमला में चमियाना फोरलेन के पास भूस्खलन से सड़क पर मलबा आ गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस ने लोक निर्माण विभाग को जानकारी दी। इसके बाद विभाग की मशीनरी मौके पर पहुंची और मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। फिलहाल सड़क बहाल करने का काम जारी है। पुलिस ने मौके पर यातायात व्यवस्था संभालने के लिए जरूरी इंतजाम किए हैं। वाहन चालकों से सावधानी बरतने और पुलिस कर्मियों के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
इस मानसून में 155 लोगों की मौत, 835 करोड़ रुपये का नुकसान
हिमाचल में इस मानसून सीजन में बारिश से जुड़े हादसों में अब तक 155 लोगों की मौत हो चुकी है। मानसून 30 जून को प्रदेश में पहुंचा था। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के 30 जून से अब तक के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश को करीब 835 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
कुल 155 मौतों में 87 लोगों की जान सड़क हादसों में गई है। भूस्खलन से 14 लोगों की मौत हुई है। अचानक आई बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड से एक व्यक्ति की मौत हुई है। बहने से चार लोगों की जान गई है। बिजली का करंट लगने से छह लोगों की मौत हुई है। पहाड़ी से फिसलने, पेड़ से गिरने और दूसरे बारिश से जुड़े हादसों में 23 लोगों की मौत हुई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा