हिमाचल में 11 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट नहीं, धीमा रहेगा मानसून
शिमला, 05 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में अगले एक सप्ताह के दौरान मानसून की रफ्तार धीमी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने 11 सितंबर तक प्रदेश में भारी, बहुत भारी या अत्यंत भारी बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया है। विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 5 से 11 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश की संभावना है। शिमला समेत प्रदेश के कई हिस्सों में आज बादल छाए हुए हैं।
बीते 24 घंटों में प्रदेश में बारिश की तीव्रता कम हुई है। इस दौरान धर्मशाला में 30.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। आरएल बीबीएमबी में 21.4, ओलिंडा में 20.0, रायपुर मैदान में 18.0, जोत में 12.6, पालमपुर में 12.0, कंडाघाट में 7.8 और कसोल में 7.0 मिलीमीटर बारिश हुई। कांगड़ा, सुंदरनगर, जोत और मुरारी देवी में गरज के साथ बिजली चमकने की घटनाएं भी दर्ज की गईं। हमीरपुर जिला के नेरी में अधिकतम 24 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली।
मौसम विभाग के मॉनसूनी बारिश के आंकड़ों के अनुसार अगस्त में हिमाचल में सामान्य से आठ फीसदी कम बारिश हुई। जून से अब तक पूरे मानसून सीजन में सामान्य से नौ फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। बिलासपुर, कुल्लू, शिमला और सिरमौर में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, किन्नौर, लाहौल-स्पीति, मंडी, सोलन और ऊना में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई। सितंबर माह में अब तक प्रदेश में सामान्य से 24 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। कुल्लू और चंबा को छोड़कर बाकी 10 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। बिलासपुर में सितंबर की बारिश सामान्य से 217 फीसदी अधिक रही है। हिमाचल में मानसून सामान्य तौर पर सितंबर के अंत तक सक्रिय रहता है।
बारिश और भूस्खलन का असर सड़क, बिजली और पेयजल व्यवस्था पर बना हुआ है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार शनिवार सुबह तक प्रदेश में 92 सड़कें बंद हैं, 44 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हैं और 25 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। मंडी में 47, कुल्लू में 22, कांगड़ा में आठ, सिरमौर में पांच और ऊना में चार सड़कें बंद हैं। मंडी में 23, कुल्लू में 11 और शिमला में 10 ट्रांसफार्मर बंद हैं। हमीरपुर में 17 पेयजल योजनाएं ठप हैं।
इस मानसून सीजन में बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से अब तक 266 लोगों की मौत हुई है और 479 लोग घायल हुए हैं। तीन लोग अभी लापता हैं। मृतकों में 158 की जान सड़क हादसों में गई, जबकि 108 मौतें भूस्खलन, अचानक बाढ़, पानी में बहने, फिसलने, पहाड़ी से गिरने और बारिश से जुड़ी अन्य घटनाओं में हुई हैं। प्राकृतिक आपदाओं में 465 मवेशियों की मौत हुई है। 111 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं और 472 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। 17 दुकानें और 438 पशुशालाएं भी ध्वस्त हुई हैं। सरकारी आकलन के अनुसार मानसून में अब तक करीब 1,235 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। इसमें लोक निर्माण विभाग का करीब 946 करोड़ रुपये का नुकसान शामिल है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा