हिमाचल में आंधी-बारिश से जनजीवन प्रभावित, 7 मई तक अलर्ट

 


शिमला, 03 मई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मई महीने की शुरुआत ही मौसम के कड़े तेवरों के साथ हुई है। आमतौर पर इस समय जहां तेज धूप और गर्मी का असर देखने को मिलता है, वहीं इस बार रविवार को सुबह से शाम तक आंधी, तूफान, बारिश और बिजली कड़कने ने पूरे प्रदेश में कोहराम मचा दिया। अचानक बदले मौसम ने लोगों को हैरान कर दिया और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने आगामी 7 मई तक राज्य में मौसम के खराब रहने का अलर्ट जारी किया गया है।

राज्य के कई इलाकों में तेज आंधी चली, जिससे नुकसान की खबरें सामने आई हैं। शिमला, हमीरपुर, बिलासपुर, सिरमौर, ऊना और कांगड़ा में कई जगह बिजली की तारें टूट गईं और बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। कई जगह पेड़ों की बड़ी-बड़ी शाखाएं भी टूट कर रास्तों व सड़कों गिर गई, जिससे आवाजाही।प्रभावित हुई। शिमला शहर के कई वार्डों में बिजली की तारें टूटने से बिजली आपूर्ति दिन भर ठप रही। आंधी से कई जगह टीन की चादरों से बने अस्थायी घरों की छतें उड़ गईं, जबकि शादी समारोहों के लिए लगाए गए टेंट भी तेज हवाओं में उखड़ गए। इन दिनों शादियों का सीजन चल रहा है, ऐसे में मौसम ने कई परिवारों की तैयारियों पर पानी फेर दिया।

निचले और मैदानी इलाकों में बेमौसमी बारिश और आंधी ने किसानों को बड़ा झटका दिया है। गेहूं की फसल, जिसकी कटाई और पिसाई का काम इन दिनों जारी है, भारी बारिश से भीगकर खराब हो गई। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। वहीं, शिमला और कुल्लू के ऊपरी क्षेत्रों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं से सेब की फ्लॉवरिंग झड़ गई है, जिससे इस साल सेब उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है।

राजधानी शिमला में भी मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह 9 बजे के करीब घने बादल छा गए और तेज बारिश के साथ अंधेरा सा माहौल बन गया। ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को फिर से गर्म कपड़े निकालने पड़े। मनाली सहित अन्य हिल स्टेशनों में भी ठंड बढ़ गई है, जबकि निचले इलाकों में मौसम सुहावना हो गया है और गर्मी का असर फिलहाल कम हो गया है।

मौसम विभाग के अनुसार राज्य के अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे चले गए हैं। बीते 24 घंटों में पालमपुर में 30 मिमी, रामपुर में 29 मिमी, सराहन में 28 मिमी, रोहड़ू में 25 मिमी, अग्घर में 24 मिमी और बिलासपुर में करीब 20 मिमी बारिश दर्ज की गई है। न्यूनतम तापमान की बात करें तो जनजातीय क्षेत्र ताबो में सबसे कम 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, इसके बाद कल्पा में 5.4, केलांग और कुकुमसेरी में करीब 5.7, मनाली में 8.7, सराहन में 9.7, सोलन में 12.0, शिमला में 12.5, पालमपुर में 13.5, सुंदरनगर में 14.3, मंडी में 15.4, कांगड़ा में 16.7 और ऊना में 18.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

मौसम विभाग ने 7 मई तक खराब मौसम का अलर्ट जारी किया है। 4 और 5 मई को लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर बाकी जिलों में आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और बिजली कड़कने का खतरा बना रहेगा। इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। 4 मई को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि चंबा, बिलासपुर और हमीरपुर में येलो अलर्ट रहेगा। 5 मई को मंडी और शिमला में ऑरेंज अलर्ट रहेगा, जबकि अन्य कई जिलों में येलो अलर्ट जारी रहेगा। 6 और 7 मई को भी कुछ इलाकों में येलो अलर्ट रहेगा।

8 और 9 मई को मैदानी इलाकों में मौसम साफ रहने का अनुमान है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। आने वाले दिनों में ऊंची चोटियों पर बर्फबारी भी हो सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।

मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें और खुले स्थानों में खड़े होने से परहेज करें।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा