हिमाचल : पहाड़ों पर बर्फबारी से लौटी ठंड, मैदानी इलाकों में बारिश से मिली राहत

 




शिमला, 29 अप्रैल (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मौसम के तेवर बदले हुए हैं। लगातार दूसरे दिन बादलों की सक्रियता ने जहां ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी हुई, वहीं मध्य और निचले इलाकों में झमाझम बारिश ने अप्रैल के अंत में ठंड का अहसास लौटा दिया है। भीषण गर्मी से जूझ रहे मैदानी क्षेत्रों को राहत मिली है, लेकिन बदलते मौसम ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है।

शिमला व हमीरपुर सहित कई हिस्सों में सुबह से रुक-रुक कर बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में आज ओलावृष्टि, बिजली कड़कने और 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, सोलन और सिरमौर के लिए येलो अलर्ट जारी किया जिस है। बीती रात कुछ क्षेत्रों में बिजली कड़कने की घटनाएं हुईं, हालांकि किसी नुकसान की सूचना नहीं है।

तापमान में आई गिरावट ने मौसम को काफी सुहावना बना दिया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री, कल्पा में 6, ताबो में 6.2, सेओबाग में 10.6, मनाली में 10.9, सराहन में 11.2, सोलन में 12.7, भुंतर में 12.9, शिमला में 14.6, पालमपुर में 15, बरठीं में 15.5, जुब्बड़हट्टी में 15.8, नाहन में 16.7, मंडी में 16.7, कांगड़ा में 17.5, बिलासपुर में 18.5, ऊना व देहरा गोपीपुर में 19, धर्मशाला में 20.6 और पांवटा साहिब में 23 डिग्री सेल्सियस रहा। राज्य के औसत न्यूनतम तापमान में करीब 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि अधिकतम तापमान भी करीब 10 डिग्री तक लुढ़का है।

बीते 24 घंटों में वर्षा के आंकड़े भी उल्लेखनीय रहे। सराहन में करीब 25.5 मिमी बारिश हुई, जबकि शिलारू, मनाली और कसौली में लगभग 5 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा अन्य कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिली। ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी ने ठंड को और बढ़ा दिया है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 30 अप्रैल से 2 मई तक मौसम खराब बना रहेगा, हालांकि इस दौरान कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है। 3 और 4 मई को फिर से आंधी और बिजली को लेकर येलो अलर्ट रहेगा, जबकि 5 मई को भी बादल छाए रहने और बारिश की संभावना है। यानी अगले एक सप्ताह तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।

बेमौसम बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं इसका असर कृषि पर पड़ता दिख रहा है। इन दिनों राज्य के कई हिस्सों में गेहूं की कटाई का काम चल रहा है। बारिश से कटाई प्रभावित हुई है और खेतों में पड़ी फसल के भीगने से नुकसान की आशंका बढ़ गई है। ऐसे में किसानों के लिए यह राहत और चिंता दोनों का दौर बन गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा