हिमाचल में 31 अगस्त तक बारिश के आसार, कोई अलर्ट नहीं, चंबा में भूस्खलन

 


शिमला, 25 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रहने से कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार 25 से 31 अगस्त तक मानसून की सक्रियता के कारण बादल बरस सकते हैं, हालांकि इस दौरान भारी बारिश का कोई अलर्ट या चेतावनी जारी नहीं की गई है। आगामी दिनों में मानसून के धीमे रहने से प्रदेश को भारी बारिश से राहत मिलने की भी संभावना है।

मंगलवार को शिमला में सुबह धूप खिली रही, लेकिन दोपहर बाद मौसम बदला और कई जगह बादल जमकर बरसे।

इसी बीच चंबा जिले के जनजातीय क्षेत्र भरमौर में भारी भूस्खलन से कोडल से उरई सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा सड़क को तोड़ता हुआ नीचे नाले में जा समाया। इससे इस सड़क पर वाहनों की आवाजाही के साथ पैदल आवागमन भी पूरी तरह बंद हो गया है। राहत की बात यह रही कि भूस्खलन के समय सड़क से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था और न ही वहां पैदल लोगों की आवाजाही थी। इससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया।

बीते 24 घंटों के दौरान भी मानसून की सक्रियता के कारण सिरमौर जिले में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई। धौलाकुआं में सबसे अधिक 92 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। ददाहू में 43 मिलीमीटर, पांवटा साहिब में 22 मिलीमीटर और जतौन बैरेज में भी 22 मिलीमीटर बारिश हुई।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार मंगलवार शाम तक प्रदेश में भूस्खलन और बारिश के कारण 99 सड़कें बंद थीं। इनमें मंडी जिले में 44, कुल्लू में 23, सिरमौर में 12 और कांगड़ा में सात सड़कें शामिल हैं। प्रदेश में सात ट्रांसफार्मर और छह पेयजल योजनाएं भी प्रभावित रहीं। चंबा और कांगड़ा में तीन-तीन बिजली ट्रांसफार्मर बंद रहे। पेयजल योजनाओं में शिमला की तीन, हमीरपुर की दो और कांगड़ा की एक योजना प्रभावित रही।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के आंकड़ों के अनुसार 30 जून से अब तक मानसून सीजन के दौरान बारिश से जुड़ी घटनाओं में प्रदेश में 237 लोगों की मौत हुई है और 387 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में 139 की जान सड़क हादसों में गई। भूस्खलन से 17, बहने से 10 और पहाड़ी या पेड़ से फिसलकर गिरने से 31 लोगों की मौत हुई है।

मानसून के दौरान प्रदेश में 94 घर, 17 दुकानें और 359 पशुशालाएं पूरी तरह नष्ट हुई हैं। 408 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। बारिश और इससे जुड़ी घटनाओं से प्रदेश में अब तक 1,149 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। इसमें लोक निर्माण विभाग को अकेले 864 करोड़ रुपये का नुकसान शामिल है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा