हिमाचल में बदला मौसम, शिमला में बरसे बादल, आठ जिलों में अलर्ट
शिमला, 26 सितंबर (हि.स.)। कई दिनों तक शुष्क मौसम रहने के बाद हिमाचल प्रदेश में शनिवार को मौसम ने करवट ली। राजधानी शिमला समेत अधिकांश हिस्सों में रुक-रुककर बारिश हुई। इससे शिमला में मौसम ठंडा हो गया, वहीं निचले इलाकों में उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली। मौसम विज्ञान विभाग ने 27 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। 28 सितंबर को भी कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।
27 सितंबर को आठ जिलों में अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार 27 सितंबर को राज्य के आठ जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना है। इनमें सिरमौर में ऑरेंज अलर्ट और बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और किन्नौर में येलो अलर्ट जारी किया गया है। सिरमौर में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। लोगों को इस दौरान सतर्क रहने और जरूरी एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।
28 सितंबर को शिमला, सोलन और सिरमौर में येलो अलर्ट रहेगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 29 सितंबर के बाद कोई चेतावनी नहीं है। 30 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच मध्यवर्ती पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और मानसून की बची हुई सक्रियता के कारण मौसम में यह बदलाव आया है। मानसून अब अपने अंतिम चरण में है और आने वाले दिनों में प्रदेश से इसकी विदाई हो सकती है।
धर्मशाला में 46 मिलीमीटर बारिश
पिछले 24 घंटे के दौरान कांगड़ा जिले के मुख्यालय धर्मशाला में सबसे अधिक 46 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। भरेड़ी में 18 मिलीमीटर, बंगाणा में 13 मिलीमीटर और धौलाकुआं में 11 मिलीमीटर बारिश हुई। बारिश के बाद शिमला समेत कई पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान में गिरावट आई है।
बारिश के कारण प्रदेश में कुछ स्थानों पर सड़क और बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार शनिवार दोपहर तक भूस्खलन के कारण 42 सड़कें बंद थीं। 26 बिजली ट्रांसफार्मर खराब होने से बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। मंडी में 19, कुल्लू में आठ और कांगड़ा में सात सड़कें बंद थीं। मंडी जिले के सरकाघाट उपमंडल में 26 बिजली ट्रांसफार्मर खराब होने की सूचना थी।
मानसून में बारिश से जुड़े हादसों में 366 लोगों की मौत
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के आंकड़ों के अनुसार इस मानसून सीजन में बारिश से जुड़े हादसों में अब तक 366 लोगों की मौत हो चुकी है। चार लोग लापता हैं, जबकि 614 लोग घायल हुए हैं। शिमला में सबसे अधिक 56 मौतें दर्ज की गई हैं। कांगड़ा और चंबा में 45-45, सिरमौर में 40, मंडी में 36, कुल्लू में 33, लाहौल-स्पीति में 25, सोलन और ऊना में 24-24, किन्नौर में 19, हमीरपुर में 10 और बिलासपुर में नौ लोगों की मौत हुई है।
इनमें 218 मौतें सड़क हादसों में हुई हैं। वहीं 148 लोगों की जान भूस्खलन, अचानक आई बाढ़, डूबने, बहने, फिसलने और बारिश से जुड़े अन्य हादसों में गई है। मानसून के दौरान 579 मवेशियों की भी मौत हुई है।
3,219 करोड़ रुपये का नुकसान
मानसून के दौरान प्रदेश में 144 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं और 526 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 18 दुकानें, छह घराट और 495 पशुशालाएं पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं। राज्य में चल और अचल संपत्ति को कुल 3,219 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है। इसमें लोक निर्माण विभाग को सड़कों और पुलों के क्षतिग्रस्त होने से 2,744 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
इस मानसून सीजन में हिमाचल प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 10 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा