चार जिलों में मूसलाधार बारिश का ऑरेंज अलर्ट, भूस्खलन से 87 सड़कें बंद

 


शिमला, 17 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बीच मौसम विभाग ने राज्य के चार जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में 18 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद 19 से 21 अगस्त तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट रहेगा।

सोमवार को सिरमौर जिले के कई इलाकों में तेज बारिश हुई। जिला मुख्यालय नाहन और आसपास के क्षेत्रों में करीब तीन घंटे तक लगातार बारिश होती रही। राजधानी शिमला में भी शाम के समय बादल जमकर बरसे, जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में भी वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग ने लोगों को नदी-नालों, खड्डों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के पास जाने से बचने की सलाह दी है।

बारिश के कारण प्रदेश में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार दिनभर चले बहाली कार्य के बाद भी शाम तक 87 सड़कें बंद रहीं। सबसे अधिक 33 सड़कें कुल्लू जिले में अवरुद्ध हैं। मंडी में 27, शिमला में 9 और कांगड़ा में 6 सड़कें बंद हैं। कई ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

बिजली और पेयजल सेवाओं पर भी असर पड़ा है। सोमवार सुबह तक 217 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित थे, लेकिन विभागीय टीमों ने दिनभर मरम्मत का काम चलाया और अधिकांश क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल कर दी। शाम तक केवल 8 ट्रांसफार्मर ही खराब रहे। इनमें चौपाल और कुल्लू उपमंडल में दो-दो ट्रांसफार्मर शामिल हैं। शिमला जिले के ठियोग, रामपुर और चौपाल क्षेत्रों में 8 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। कई अन्य योजनाओं को दिन के दौरान बहाल कर दिया गया।

पिछले 24 घंटों में मंडी जिले के कटौला में सबसे अधिक 74 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। चंबा के जोत में 52 मिलीमीटर, धर्मशाला में 30 मिलीमीटर, शिमला जिले के सराहन में 20 मिलीमीटर और जोगिंदरनगर में 15 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।

इस बीच चंबा जिले के जनजातीय क्षेत्र भरमौर में बादल फटने की घटना सामने आई है। बलोठ क्षेत्र के 84 चला में अचानक पानी और मलबे का बहाव बढ़ने से एक लोहे का पुल बह गया। घटना के समय मणिमहेश यात्रा मार्ग पर 40 से 50 श्रद्धालु रास्ते में फंस गए थे। सूचना मिलने के बाद प्रशासन और स्थानीय बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है।

मानसून के मौजूदा मौसम में राज्य को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। 30 जून से अब तक बारिश, भूस्खलन, बादल फटने और अन्य आपदाओं से जुड़ी घटनाओं में 196 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 299 लोग घायल हुए हैं। इस अवधि में 85 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। 14 दुकानें और 270 पशुशालाएं भी नष्ट हुई हैं। इसके अलावा 312 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।

राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार मानसून से अब तक करीब 994 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। इसमें सबसे अधिक 744 करोड़ रुपये की क्षति लोक निर्माण विभाग को हुई है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिन संवेदनशील रह सकते हैं और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन तथा अचानक जलस्तर बढ़ने की घटनाएं हो सकती हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा