हिमाचल में एक हफ्ते तक भारी बारिश की चेतावनी, 2 से 4 जुलाई के लिए ऑरेंज अलर्ट
शिमला, 30 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक मौसम के तेवर तीखे रहने के आसार हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के शिमला केंद्र ने राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अगले दो दिनों के भीतर हिमाचल प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। फिलहाल मॉनसून की उत्तरी सीमा गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार और उत्तराखंड की ओर बढ़ रही है तथा परिस्थितियां हिमाचल प्रदेश के कुछ भागों में इसके आगे बढ़ने के लिए अनुकूल बनी हुई हैं।
मौसम विभाग ने आगामी 6 जुलाई तक प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के लिए चेतावनी जारी की है। आज कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना जताई गई है। एक जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा और तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान का येलो अलर्ट जारी किया गया है। दाे जुलाई से मौसम और अधिक सक्रिय होने का अनुमान है। इस दिन अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 3 और 4 जुलाई को भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में बहुत भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट रहेगा। इन तीन दिनों के दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं तथा बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। 5 और 6 जुलाई को भारी वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी है।
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 55 मिलीमीटर वर्षा गोहर में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा मंडी में 45.6 मिलीमीटर, बरठीं में 42.6 मिलीमीटर, रायपुर मैदान में 41 मिलीमीटर, सुंदरनगर में 31.4 मिलीमीटर, कांगड़ा एयरो में 30.8 मिलीमीटर, बग्गी में 24 मिलीमीटर, सराहन में 18.4 मिलीमीटर, जुब्बड़हट्टी में 11.3 मिलीमीटर, शिमला में 7.4 मिलीमीटर, देहरा गोपीपुर में 6.2 मिलीमीटर, हमीरपुर में 5 मिलीमीटर और धर्मशाला में 4.1 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। मंगलवार सुबह भी प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए हैं और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हुई।
उधर लाहौल-स्पीति जिले में बारिश और नालों के उफान का असर यातायात पर भी दिखाई दे रहा है। जिला प्रशासन की ताजा रिपोर्ट के अनुसार जिले में दो सड़कें बंद हैं। अटल टनल नॉर्थ पोर्टल से सरचू जाने वाला मार्ग दारचा के आगे रूलिंग बोर जिप्सा के पास बंद है। वहीं फुडा गांव से जाहलमा नाला तक का वैकल्पिक मार्ग जाहलमा और थंगिनी नालों में आई फ्लैश फ्लड के कारण अवरुद्ध हो गया है। हालांकि दारचा-शिंकुला और ग्रांफू-बाथल मार्ग पर यातायात जारी है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से यात्रा से पहले सड़क की स्थिति की जानकारी लेने और खराब मौसम में नदी-नालों के समीप नहीं जाने की अपील की है।
मंगलवार सुबह दर्ज न्यूनतम तापमान में कुकुमसेरी सबसे ठंडा रहा, जहां पारा 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद केलांग में 12.8 डिग्री, नारकंडा और ताबो में 13.7 डिग्री, भरमौर में 14 डिग्री, कल्पा में 15.8 डिग्री, कुफरी में 16 डिग्री, सराहन में 18.3 डिग्री, मशोबरा में 19 डिग्री, रिकांगपिओ में 19.1 डिग्री, शिमला में 19.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा