हिमाचल में रातभर मूसलाधार बारिश से 110 सड़कें बंद, 5 सितंबर तक येलो अलर्ट
शिमला, 03 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बीती रात राजधानी शिमला सहित प्रदेश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश हुई। बारिश के कारण कई जगह भूस्खलन हुआ और सड़कों पर मलबा आ गया। इससे यातायात प्रभावित हुआ है। बिजली और पेयजल आपूर्ति पर भी असर पड़ा है। मौसम विभाग ने 5 सितंबर तक प्रदेश में कई स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 6 से 9 सितंबर तक भी बारिश के आसार हैं, हालांकि इन दिनों के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार वीरवार सुबह तक प्रदेश में भूस्खलन और अन्य कारणों से 110 सड़कें अवरुद्ध हैं। इसके अलावा 198 बिजली ट्रांसफार्मर और 56 पेयजल योजनाएं बंद हैं। सड़कों की बात करें तो मंडी में 51, कुल्लू में 22, शिमला और सिरमौर में 8-8, चंबा और कांगड़ा में 7-7, ऊना में 4 और सोलन में 2 सड़कें बंद हैं। शेष प्रभावित सड़कें अन्य स्थानों पर हैं।
बिजली आपूर्ति पर भी बारिश का असर पड़ा है। शिमला जिले के रामपुर में 50 और चौपाल में 3 ट्रांसफार्मर बंद हैं। सोलन के बद्दी में 35 और अर्की में 30 ट्रांसफार्मर प्रभावित हैं। चंबा में 35, कुल्लू में 26 और सिरमौर में 11 ट्रांसफार्मर बंद हैं। पेयजल योजनाओं में सबसे ज्यादा असर शिमला और हमीरपुर में है। शिमला में 33 और हमीरपुर में 23 पेयजल योजनाएं ठप हैं।
परवाणू में पहाड़ी से गिरा मलबा, NH-05 पर आवाजाही प्रभावित
सोलन जिले के प्रवेशद्वार परवाणू में देर रात हुई तेज बारिश ने स्थिति बिगाड़ दी। परवाणू-पिंजौर खंड में पहाड़ी से मलबा, चट्टानें और पत्थर गिरने से मुख्य बाईपास मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ। बारिश के दौरान एक पुल को भी नुकसान पहुंचा है। प्रशासन ने लोगों और वाहन चालकों से प्रभावित क्षेत्र में विशेष सावधानी बरतने को कहा है।
सिरमौर में गिरि जटोंन डैम के चार गेट खोले, मैदानी इलाकों में अलर्ट
सिरमौर जिले में भारी बारिश के बीच गिरि जटोंन डैम से आज सुबह फिर पानी छोड़ा गया। डैम के चार गेट खोले गए हैं। इससे पहले देर रात भी डैम से पानी छोड़ा गया था। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने पानी छोड़े जाने के बाद मैदानी इलाकों के लोगों के लिए अलर्ट जारी किया है। नाहन सहित सिरमौर के कई हिस्सों में रातभर तेज बारिश हुई है और जिले की कई सड़कें भी यातायात के लिए बंद हुई हैं।
बीते 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। बिलासपुर जिले के नैना देवी में सबसे अधिक 130.6 मिलीमीटर बारिश हुई। मंडी के मुरारी देवी में 85.8 मिलीमीटर, सिरमौर के जटोन बैराज में 67.6 मिलीमीटर, नाहन में 45.4 मिलीमीटर और सोलन के कसौली में 45.0 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
कांगड़ा के धर्मशाला में 37.1 मिलीमीटर, सिरमौर के पछाड़ में 33.0 मिलीमीटर, कांगड़ा के घमरूर में 25.2 मिलीमीटर, मंडी के जोगिंद्रनगर में 19.0 मिलीमीटर, सोलन में 18.6 मिलीमीटर और कुल्लू के कोठी में 18.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। कांगड़ा में बारिश के साथ गरज-चमक भी हुई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस दौरान ओलावृष्टि और तेज हवाओं की सूचना नहीं है।
3 से 5 सितंबर तक बारिश का दौर, उसके बाद चेतावनी नहीं
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 3, 4 और 5 सितंबर को प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। इन तीन दिनों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। 6 सितंबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है, जबकि 7 से 9 सितंबर के बीच भी अलग-अलग स्थानों पर बारिश के आसार हैं। इन चार दिनों के लिए भारी बारिश की कोई चेतावनी नहीं है।
मानसून में अब तक 261 मौतें, 471 घायल
इस मानसून सीजन में बारिश और इससे जुड़ी घटनाओं ने प्रदेश में भारी नुकसान पहुंचाया है। अब तक 261 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 471 लोग घायल हुए हैं। तीन लोग अभी भी लापता हैं। मृतकों में 154 की जान सड़क हादसों में गई है, जबकि 107 लोगों की मौत भूस्खलन, अचानक आई बाढ़, पानी में बहने, फिसलने, पहाड़ी से गिरने और बारिश से जुड़ी अन्य घटनाओं में हुई है।
प्राकृतिक आपदाओं और बारिश के कारण 461 मवेशियों की भी मौत हुई है। प्रदेश में 112 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 463 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 17 दुकानें और 415 पशुशालाएं भी ध्वस्त हुई हैं। सरकारी आकलन के अनुसार इस मानसून सीजन में प्रदेश को अब तक करीब 1,202 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हो चुका है। इसमें लोक निर्माण विभाग को करीब 914 करोड़ रुपये का नुकसान शामिल है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा