(राउंड अप) हिमाचल में एक हफ्ते तक भारी बारिश का अलर्ट, 209 सड़कें बंद, मकान गिरने से मां-बेटी की मौत
शिमला, 12 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की सक्रियता के बीच बारिश से मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। राज्य में भूस्खलन और मलबा आने से 209 सड़कें बंद हैं। इसी बीच सिरमौर जिले के राजगढ़ उपमंडल में तीन मंजिला मकान गिरने से मां-बेटी की मौत हो गई और दो छोटी बच्चियां घायल हो गईं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 18 अगस्त तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की आशंका जताई है। 14 अगस्त को बिलासपुर, कांगड़ा और सिरमौर में भारी से बहुत भारी बारिश का ओरेंज अलर्ट है।
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हुई। सिरमौर के धौलाकुआं में सबसे ज्यादा 80 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। जतौन बैरेज में 67 मिलीमीटर, कांगड़ा के धर्मशाला में 57 मिलीमीटर, पालमपुर में 54 मिलीमीटर और सिरमौर के पांवटा साहिब में 50 मिलीमीटर बारिश हुई। शिमला में बुधवार को धूप निकली।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के बुधवार शाम तक के आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा 94 सड़कें मंडी जिले में बंद हैं। कुल्लू में 60, शिमला में 21, सिरमौर में 11 और चंबा में 10 सड़कें अवरुद्ध हैं। मंडी में पिछले दिन बंद हुए मंडी-कुल्लू और मंडी-जोगिंदरनगर राष्ट्रीय राजमार्गों को बहाल कर दिया गया है। सड़कें खोलने के लिए विभागीय टीमें काम कर रही हैं।
बारिश का असर बिजली और पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ा है। बुधवार सुबह प्रदेश में 112 बिजली ट्रांसफार्मर बंद थे। शाम तक इनमें से ज्यादातर बहाल हो गए और 19 ट्रांसफार्मर ही बंद रह गए। इनमें मंडी के सुंदरनगर में 13, शिमला के चौपाल में पांच और कुल्लू के बंजार में एक ट्रांसफार्मर शामिल है। इसके अलावा 70 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। इनमें शिमला की 24, सिरमौर की 17 और चंबा की 16 योजनाएं शामिल हैं।
सिरमौर के राजगढ़ उपमंडल की ग्राम पंचायत दीदग के छिछड़ियां गांव में बुधवार को साफ मौसम के बीच तीन मंजिला मकान अचानक गिर गया। मकान में उस समय दो महिलाएं और दो छोटी बच्चियां मौजूद थीं। स्थानीय लोगों और पंचायत प्रधान वेद प्रकाश ठाकुर ने राहत एवं बचाव कार्य करते हुए चारों को मलबे से बाहर निकाला और 108 एंबुलेंस से राजगढ़ अस्पताल पहुंचाया। 60 वर्षीय निर्मला और उनकी 32 वर्षीय बेटी पूजा की अस्पताल पहुंचने से पहले मौत हो गई। दोनों बच्चियां घायल हैं और उनका उपचार चल रहा है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को फौरी राहत दी है।
लाहौल-स्पीति में भी बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ाई है। जहालमा नाले में बाढ़ के साथ भारी मलबा आया, जो चंद्रभागा नदी के किनारों पर जमा हो गया। इससे नदी का प्राकृतिक बहाव प्रभावित हुआ और जलस्तर बढ़ने से जोबरंग पुल का आधे से अधिक हिस्सा पानी में डूब गया। पुल के जलमग्न होने से जोबरंग, राशेल और राहपे गांवों का संपर्क फिलहाल टूट गया है। संपर्क टूटने से ग्रामीणों को अपनी तैयार फसलें व्यापारियों तक पहुंचाने और रोजमर्रा की जरूरी वस्तुएं मंगाने में परेशानी हो रही है। नदी के किनारे जमा मलबे से पुल के आसपास पानी बढ़ने का खतरा भी बना हुआ है।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए जिलावार चेतावनी भी जारी की है। 13 अगस्त को चंबा, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। 14 अगस्त को बिलासपुर, कांगड़ा और सिरमौर में भारी से बहुत भारी बारिश का ओरेंज अलर्ट है। इसी दिन हमीरपुर, चंबा, मंडी, शिमला और सोलन में भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। 15 अगस्त को ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 16 अगस्त को चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर में भारी बारिश का येलो अलर्ट है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार मॉनसून के दौरान प्रदेश में अब तक 911 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। बारिश से जुड़े हादसों में 173 लोगों की मौत हुई है, 271 लोग घायल हुए हैं और एक व्यक्ति लापता है। 30 जून से अब तक 80 घर, 14 दुकानें और 238 पशुशालाएं पूरी तरह ध्वस्त हुई हैं, जबकि 278 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 12 अगस्त तक हिमाचल में सामान्य से सात फीसदी कम बारिश हुई है। चंबा, किन्नौर, कुल्लू, शिमला और सिरमौर में सामान्य से अधिक बारिश हुई। लाहौल-स्पीति में सामान्य से 51 फीसदी, हमीरपुर में 47 फीसदी, मंडी में 23 फीसदी, कांगड़ा में 15 फीसदी, सोलन में आठ फीसदी, बिलासपुर में छह फीसदी और ऊना में दो फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा